नेता चुनाव के लिए शुक्रवार से शुरू हो रहे प्रचार अभियान के दौरान सभी उम्मीदवार देश भर का दौरा करके अपनी नीतियों की चर्चा करेंगे। जापान की न्यूज एजेंसी क्योदो ने एक टिप्पणी में कहा है कि एलडीपी के सभी प्रमुख गुटों ने इस चुनाव में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं या वे किसी दूसरे गुट के नेता का समर्थन कर रहे हैं। एलडीपी में सात बड़े गुट हैं। जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक इस होड़ में टीकाकरण मंत्री तारो कोनो सबसे आगे चल रहे हैँ। पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा ने भी पहले अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी, लेकिन बुधवार को उन्होंने कोनो को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया। इससे कोनो की स्थिति और मजबूत हुई है। अब कोनो का मुख्य मुकाबला पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा और पूर्व संचार मंत्री सनाये ताकाइची से माना जा रहा है।
पूर्व संचार मंत्री सीको नोडा आखिरी वक्त तक उम्मीदवार बनने की कोशिश में हैं। इसके लिए 20 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल तारो कोनो की स्थिति मजबूत दिख रही है। लेकिन चूंकि मतदान पार्टी के निर्वाचित सदस्य करते हैं, इसलिए पक्की भविष्यवाणी मुश्किल बनी हुई है। आखिरी वक्त पर पासा पलट भी सकता है। एलडीपी का गठन 1955 में हुआ था। तब से वह सिर्फ दो छोटी अवधियों के लिए विपक्ष में रही है। आखिरी बार 2009 से 2012 के बीच वह विपक्ष में थी, जब विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी सत्ता में आई थी।