वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम ने अपने एक विश्लेषण में कहा है कि आव्रजन, मताधिकार, पुलिस सुधार, बंदूक कानून सुधार आदि जैसे मुद्दों पर अमेरिका के उदारवादी गुटों की उम्मीदें तेजी से टूट रही हैं। सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज पर पार्टी के अंदर ही खाई पैदा हो गई है। इससे पिछले साल नवंबर के चुनाव के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के साथ जिन मसलों पर सुधार की आशा जगी थी, वह अब टूटती जा रही है। बाइडन प्रशासन एक भी मसले पर ऐसा कानून पारित नहीं कर पाया है, जिससे वह अपने बुनियादी एजेंडे को लागू कर पाए।
पिछले नवंबर में लंबे समय बाद ऐसा हुआ, जब व्हाइट हाउस में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति निर्वाचित होन के साथ ही सीनेट और हाउस में इस पार्टी को बहुमत मिला। इससे ये संभावना बनी थी कि सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर बाइडन प्रशासन उन वादों को पूरा कर सकेगा, जिनका संबंध डेमोक्रेटिक पार्टी के एजेंडे से है। लेकिन पर्यवेक्षकों की राय है कि बाइडन के मध्यमार्गी रुझान के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी है। बाइडन पार्टी के अंदर उदारवादी खेमे से टकराव मोल लेने से बचते रहे हैं।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता एंड्र्यू बेट्स ने कहा है कि राष्ट्रपति बाइडन अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा वोट हासिल करके निर्वाचित हुए हैं। इसलिए वे और उनकी टीम दिन-रात अपने एजेंडे के पक्ष में काम कर रही है। बेट्स ने कहा- ‘धनी तबकों के हितों की रक्षा के लिए लॉबिंग करने वाले समूहों और रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से जो रुकावट डाली जा रही है, उसके आगे राष्ट्रपति अडिग हैं। लेकिन उन्होंने हमेशा ही कहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यक्रमों को लागू करना आसान नहीं होगा।’