अफगानिस्तान में महिलाओं का संघर्ष
- फोटो : Social media
महिलाओं को सभी अधिकार देने की बात करने वाला तालिबान उनकी आवाज को जरा सा भी बर्दाश्त न कर सका। जैसे ही महिलाओं ने हुकूमत के विरोध में आवाज उठाई, तालिबानी लड़ाके हिंसा पर उतर आए। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को महिलाओं ने काबुल में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद तालिबानी लड़ाके हिंसा पर उतर आए और महिलाओं के साथ मारपीट की गई।
राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहीं महिलाएं
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, महिलाएं प्रदर्शन करते हुए काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रही थीं। तभी तालिबानी लड़ाकों की ओर से मारपीट की गई और प्रदर्शनकारी भी उग्र हो गए। इसके बाद तालिबानी लड़ाकों ने राष्ट्रपति भवन के रास्ते में आकर महिलाओं पर आंसू गैस के गोले दागे। जानकारी के मुताबिक, महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है।
तालिबानी हुकूमत के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन
सत्ता पर काबिज होते ही तालिबान ने महिलाओं को लेकर कई प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। उन्हें फिर से पर्दे में रहने को कहा जा रहा है और महिलाओं को डर भी है कि तालिबान के रहने से न तो वे सुरक्षित हैं और न ही उनका भविष्य। इसी को लेकर महिलाएं शनिवार को तालिबान के खिलाफ सड़क पर उतर आईं।
दो दिन पहले महिला शिक्षा पर की थी टिप्पणी
तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने दो दिन पहले विदेशी मीडिया से बात की थी। इस दौरान उसने कहा कि हमारी संस्कृति है कि महिलाएं हिजाब पहनकर शिक्षा पा सकती हैं और पर्दे में रहकर काम भी कर सकती हैं। इसलिए हमें महिलाओं के अधिकारों से कोई परेशानी नहीं है। बशर्ते हमारी संस्कृति से समझौता न किया जाए।