राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पोती इला गांधी ने सोमवार को कहा कि हालिया हिंसा के बाद दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ खतरा बना हुआ है, लेकिन सरकार इसका मुकाबला करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।
सात जुलाई को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की कैद के विरोध में दो प्रांतों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। जुमा को अदालत की अवमानना की सजा सुनाई गई है। पिछले महीने देश के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा के बारे में कुछ खबरों में कहा गया था कि हिंसा में सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी लोगों को हुआ। कुछ खबरों में तो यहां तक कहां गया कि हिंसा में मारे गए 330 लोगों में से कई भारतीय मूल के थे।
मारे गए लोगों में दो-तीन भारतीय
इला गांधी ने कहा कि यह बिल्कुल सच नहीं है। निश्चित रूप से, कई भारतीय स्वामित्व वाले व्यवसाय थे जिन्हें लूट लिया गया था या जला दिया गया था। हमें जहां तक जानकारी है, किसी भी भारतीय पर कोई सीधा हमला नहीं हुआ था। जहां तक मौतों का सवाल है, हम समझते हैं कि मारे गए लोगों में से केवल दो या तीन लोग भारतीय मूल के थे।
दुनिया में कहीं भी, कभी भी हो सकते हैं हमले
उन्होंने कहा, 'मैंने यह कहा था कि दुनिया में कहीं भी किसी के द्वारा आतंकवादी हमले किसी भी समय हो सकते हैं, न कि केवल दक्षिण अफ्रीका में किसी विशेष समुदाय के खिलाफ। वह भारतीय मीडिया में आई कुछ खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थीं, जिनमें उनके हवाले से कहा गया था कि हमले कभी भी, कहीं भी हो सकते हैं।'
गांधी ने कहा कि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इस तरह के खतरे बने हुए हैं, खासकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इसकी वकालत की जाती है, लेकिन हमारी सरकार इससे निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत का उपयोग कर रही है।