अमेरिका की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस।
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अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट्स की तरफ से कमला हैरिस मैदान में हैं। इस बीच, हैरिस इकलौती उम्मीदवार के तौर पर उभरी हैं, जो कि पार्टी के प्रतिनिधियों के वोट हासिल करने के योग्य हैं। दरअसल, पूरे अमेरिका में डेमोक्रेट पार्टी के 3923 प्रतिनिधियों ने डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के तौर पर नामांकन भरने के लिए कमला हैरिस का समर्थन किया था। यानी हैरिस को कुल 99 फीसदी डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों का समर्थन मिला है।
किसी अन्य उम्मीदवार को नहीं मिला समर्थन
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) के अध्यक्ष जैमी हैरिसन और डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन कमेटी (डीएनसीसी) के अध्यक्ष मिनियन मूरे ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पार्टी की आंतरिक मतदान प्रक्रिया से पहले ही किसी भी अन्य उम्मीदवार को इतना समर्थन नहीं मिला, जितना हैरिस को मिला है। बता दें, किसी भी उम्मीदवारी के नाम को पक्का करने के लिए कम से कम 300 प्रतिनिधियों का समर्थन चाहिए होता है।
इतने समय तक चलेगी मतदान प्रक्रिया
बयान में आगे कहा कि पार्टी की आंतरिक मतदान प्रक्रिया के जरिए हैरिस आधिकारिक तौर पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बन जाएंगी। यह पूरी प्रक्रिया एक से पांच अगस्त तक चलेगी।
ट्रंप को हराने के लिए हम एकजुट
हैरिसन और मूरे ने कहा, 'देश भर से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों ने अपनी आवाज बुलंद की और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का भारी समर्थन किया। हम एक डेमोक्रेटिक उम्मीदवार का चुनाव करने के अपने मकसद में एकजुट हैं, जिसके पास हमारे देश का नेतृत्व करने का अनुभव, ज्ञान और साहसिक दृढ़ संकल्प है और हम एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को हराने के लिए एकजुट हैं।'
हैरिस की ट्रंप को चुनौती
इससे पहले, भारतवंशी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा, 'आप जो कुछ भी कहना चाहते हैं मेरे मुंह पर कहिए। इस चुनावी दौड़ की हवा बदल रही है। ऐसे संकेत मिले हैं कि इसे डोनाल्ड ट्रंप भी महसूस कर पा रहे हैं। अगर आपने गौर किया हो तो पिछले हफ्ते आपने देखा होगा कि उन्होंने सितंबर में होने वाली बहस से बाहर रहने का फैसला लिया है, जबकि वह पहले इस पर सहमत हुए थे।'