अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने आशंका जताई है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव में हार जाते हैं तो शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण को लेकर उन्हें शक है। जो बाइडन ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में ये बात कही। उन्होंने कहा कि 'अगर डोनाल्ड ट्रंप हार जाते हैं तो उन्हें ये विश्वास नहीं है कि कमला हैरिस को सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीके से हो पाएगा। वह (ट्रंप) जो भी बोलते हैं, उसका मतलब होता है, लेकिन हम उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन उनकी बातों का मतलब है जैसे कि उन्होंने कहा था कि- अगर हम हारे तो खून-खराबा होगा।'
2020 के राष्ट्रपति चुनाव में भी हुई थी हिंसा
जो बाइडन का ये डर बेबुनियाद भी नहीं है। साल 2020 में जब जो बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव में पटखनी दी थी, उस वक्त भारी हिंसा हुई थी। दंगाईयों की भीड़ अमेरिकी संसद में घुस गई थी और उस दौरान पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों की मौत भी हुई थी। डोनाल्ड ट्रंप पर लोगों की भीड़ को उकसाने का भी आरोप है और इसे लेकर उनके खिलाफ मुकदमा भी चल रहा है। इस बार भी जिस तरह के हालात हैं, उन्हें देखते हुए भी डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। यही वजह है कि जो बाइडन ने आशंका जताई है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप फिर हारे तो इस बार भी हिंसा हो सकती है।
टिम वाल्ज होंगे डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार
वहीं अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, जो कि डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, उन्होंने अपने रनिंग मेट यानी कि उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है। हैरिस ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज को अपना रनिंग मेट चुना है। वाल्ज को हैरिस समर्थक माना जाता है। बतौर शिक्षक अपना करियर शुरू करने वाले टिम वाल्ज का मिनेसोटा के गवर्नर के रूप में दूसरा कार्यकाल चल रहा है। साथ ही वह डेमोक्रेटिक गवर्नर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति और जेडी वैंस उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं।