उन सैकड़ों भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए राहतभरी खबर है जो पहले चयन में एच-1बी वीजा हासिल नहीं कर सके थे। अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने कहा है कि अमेरिका सफल एच-1बी वीजा आवेदकों के लिए दूसरी लॉटरी का आयोजन करेगा।
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यूएससीआईएस ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस साल की शुरुआत में हुए एच-1बी वीजा के लिए कम्यूटरीकृत ड्रॉ के दौरान कांग्रेस द्वारा मंजूर अनिवार्य एच-1बी वीजा की पर्याप्त संख्या नहीं मिली थी। इसलिए दूसरे ड्रॉ का निर्णय लिया गया। एच-1बी वीजा एक गैर अप्रवासी वीजा है जिसकी मदद से अमेरिकी कंपनियां सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत वाले विशिष्ट पेशों में विदेशी कर्मियों को नौकरियों पर रखती हैं।
प्रौद्योगिकी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों लोगों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर रहती हैं।
यूएससीआईएस ने कहा कि हमने हाल में तय किया कि हमें वित्त वर्ष 2022 के संख्यात्मक आवंटन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त पंजीकरण को चयनित करने की जरूरत है। नए ड्रॉ के लिए आवेदन दो अगस्त से तीन नवंबर तक किए जा सकेंगे। एच-बी वीजा की सालाना सीमा 65,000 वीजा तय की गई है।