फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US vs Iran: हैकरों की धमकी- ट्रंप के सहयोगियों के ईमेल दुनिया को दिखाएंगे, अमेरिका बोला- बदनाम करने का अभियान

Wed, 02 Jul 2025 03:39 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

ईरान-इस्राइल युद्ध में अमेरिकी हमलों से परमाणु संवर्धन केंद्रों के बुरी तरह नष्ट होने के बाद ईरानी हैकरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों पर डिजिटल युद्ध छेड़ने की धमकी दी है। इन हैकरों को रॉबर्ट नाम से पहचाने जाने वाले इस समूह ने कहा है कि उनके पास व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स, ट्रंप की वकील लिंडसे हॉलिगन, सलाहकार रोजर स्टोन और स्टॉर्मी डेनियल्स के 100 गीगाबाइट ईमेल हैं।
विज्ञापन
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्री-पिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईरान-इस्राइल युद्ध में अमेरिकी हमलों से परमाणु संवर्धन केंद्रों के बुरी तरह नष्ट होने के बाद ईरानी हैकरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों पर डिजिटल युद्ध छेड़ने की धमकी दी है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने इसे बदनाम करने का अभियान बताया है। 

विज्ञापन


ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों के बाद, अमेरिका ने ईरानी साइबर हमलों को लेकर चेतावनी दी है। अमेरिका ने कहा है कि ऐसे हमले अमेरिका की सेवाओं, आर्थिक सिस्टम और कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) देर रात कहा कि ट्रंप से जुड़े ईमेल को लीक करने की धमकी असली नहीं है, बल्कि यह एक डिजिटल प्रचार है जिसका मकसद ट्रंप और अन्य संघीय अधिकारियों की छवि खराब करना है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US: भारत-चीन संबंधों को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ऐसा संतुलन बनाना जरूरी, जो हमारे हितों के लिए सही हो

अपराधियों को ढूंढकर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा: मार्सी
CISA की प्रवक्ता मार्सी मैकार्थी ने कहा कि यह धमकी एक दुश्मन देश की तरफ से है, जो ध्यान भटकाने, बदनाम करने और लोगों को आपस में बांटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने धमकी के बारे में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट को लिंक करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'इन अपराधियों को ढूंढकर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।'

हैकरों ने कहा- ट्रंप के सहयोगियों के 100 गीगाबाइट के ईमेल
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि उसने कथित हैकर्स से ऑनलाइन संपर्क किया। इन हैकरों को रॉबर्ट नाम से पहचाने जाने वाले इस समूह ने कहा है कि उनके पास व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स, ट्रंप की वकील लिंडसे हॉलिगन, सलाहकार रोजर स्टोन और स्टॉर्मी डेनियल्स के 100 गीगाबाइट ईमेल हैं, जिन्हें चुप रहने के लिए पैसे देने के कारण ट्रंप को आपराधिक सजा मिली। 

पिछले साल तीन ईरानियों पर हैकिंग के लगाए थे आरोप
संघीय अभियोजकों ने पिछले साल तीन ईरानियों पर ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान में हैकिंग के आरोप लगाए थे। हैकर्स ने डेमोक्रेट जो बिडेन और कमला हैरिस को भी निशाना बनाया, और ट्रंप से कथित तौर पर ली गई सामग्री को डेमोक्रेट्स और मीडिया तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हुए।

ये भी पढ़ें: विदेश मंत्री जयशंकर का US दौरा: समकक्ष रुबियो और रक्षा मंत्री हेगसेथ से की मुलाकात; द्विपक्षीय मुद्दों पर बात
विज्ञापन


सुरक्षा एजेंसियों ने दी चेतावनी- ईरानी हैकर अमेरिका पर कर सकते हैं हमले
और अधिक हैक किए गए ईमेल जारी करने की धमकी उसी दिन दी गई, जिस दिन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों (CISA, FBI, NSA) ने चेतावनी दी कि ईरान और इस्राइल के बीच तनाव के चलते ईरानी समर्थक हैकर्स अमेरिका पर हमले कर सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि हैकर्स बिजली, यातायात और बैंकिंग जैसी जरूरी सेवाओं को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं। वे अमेरिका की उन कंपनियों को भी निशाना बना सकते हैं जिनका संबंध इस्राइल से है। 

लोगों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने की सलाह
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करें और मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करें। अब तक, इन हैकर्स ने बैंकों, रक्षा कंपनियों और ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों को निशाना बनाया है, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

संबंधित वीडियो







 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें