नेपाल में 28 मई से 30 जून के बीच मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी आपदाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 151 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, 222 पशुओं की मौत और 97 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल में 28 मई से मानसून की शुरुआत हुई। जिसके बाद से एक महीने में बारिश से जुड़ी आपदाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 151 लोग घायल हो गए। इस संबंध में मंगलवार को अधिकारियों ने जानकारी दी।
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राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के प्रवक्ता सुरेश सुनार ने बताया कि 28 मई से 30 जून के बीच नेपाल में बारिश से जुड़ी 682 घटनाएं हुईं हैं। इनमें बाढ़, भूस्खलन, बिजली गिरना और आंधी-तूफान जैसी आपदाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन प्राकृतिक आपदाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 151 लोग घायल हो गए हैं। इसके अलावा, घटनाओं में एक व्यक्ति लापता भी हुआ है।
राहत-बचाव कार्यों के लिए निजी हेलीकॉप्टरों की ली जाएंगी सेवाएं
सुरेश सुनार ने बताया कि बढ़ती स्थिति के मद्देनजर एनडीआरआरएमए और नागरिक उड्डयन संचालन संघ ने मंगलवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मानसून के मौसम में आवश्यकतानुसार राहत और बचाव कार्यों के लिए निजी हेलीकॉप्टरों की सेवाएं ली जाएंगी।
बिजली गिरने से हुईं सबसे ज्यादा आठ मौतें
सुनार ने बताया कि बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि बाढ़ और ऊंचाई पर होने वाली बीमारियों से चार-चार लोगों की मौत हुई। आग लगने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि जानवरों के हमले में आठ लोगों की मौत हुई। दो लोगों की मौत सांप के काटने से हुई और एक-एक व्यक्ति की मौत आंधी और भारी बारिश के कारण हुई।
प्राकृतिक आपदाओं में 222 पशुओं की भी हुई मौत
सुरेश सुनार ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण 222 पशुओं की भी मौत हुई है। इसके अलावा, 333.43 मिलियन नेपाली रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से कुल 97 घर क्षतिग्रस्त हुए और 1,026 परिवार प्रभावित हुए।