‘इंस्टाग्राम बच्चों के लिए पहली सिगरेट जैसा है, इसका लक्ष्य किशोर होने तक उन्हें सोशल मीडिया के नशे की गिरफ्त में लेना है।’ नए सोशल मीडिया की यह कड़वी परिभाषा अमेरिकी सीनेटर ऐड मार्की ने इंस्टाग्राम की मालिकाना कंपनी फेसबुक की ग्लोबल सुरक्षा प्रमुख एन्टीगोन डेविस से पूछताछ के दौरान कही। इंस्टाग्राम के कारण कम उम्र लड़कियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ने की खुद फेसबुक की रिपोर्ट सामने आने और ‘इंस्टाग्राम किड्स’ योजना को लेकर सीनेट की कॉमर्स कमेटी ने डेविस से पूछताछ की।
मार्की ने कहा, इंस्टाग्राम का किशोरों पर गहरा असर पड़ रहा है। अवसाद और तनाव जानलेवा बन रहा है। उन्होंने कहा कि फेसबुक एक बड़ी तंबाकू कंपनी जैसा है, जो छोटी उम्र में बच्चों को अपने उत्पाद देना चाहता है ताकि जब तक वे किशोर उम्र में पहुंचें तो इनके आदी हो चुके हों और उन्हें नए नशे बेचकर वह करोड़ों का मुनाफा कमा सके। उन्होंने कहा ‘इंस्टा-ग्राम’ में आईजी का मतलब ‘इंस्टा-ग्रीड’ (तत्काल पाने लालच) है।