अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन
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अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अमेरिकी सरकार के लिए काम करने वाले अफगानिस्तानी नागरिकों (अनुवादकों और दुभाषियों के अलावा) के पुनर्वास के लिए नए प्रोग्राम 'प्रोग्राम 2' की घोषणा करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, तालिबान मांग कर रहा है कि उसके नेताओं के नाम ब्लैक लिस्ट से हटाए जाएं और उन्हें अन्य देशों की यात्रा करने की अनुमति दी जाए। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान में तालिबान की ओर से की जा रही हिंसा के स्तर को देखते हुए यह न तो तार्किक है और न ही व्यावहारिक।
अफगानिस्तान के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग की ओर से कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिले में तालिबान द्वारा कथित नरसंहार पर अपनी जांच का उल्लेख करने के कई दिनों के बाद अमेरिका ने तालिबान की ओर से किए जा रहे आपराधिक कृत्यों और हिंसा को लेक चिंता व्यक्त की है। इस जांच के अनुसार तालिबान ने 40 से अधिक किसानों और अफगान सरकार के अधिकारियों की हत्या की है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ अतमार ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तालिबान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की थी।
अफगानिस्तान के कई शहरों में अफगानी सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं। अघन बलों ने लश्कर गाह में तालिबान से लड़ाई लड़ी क्योंकि दक्षिणी हेलमंद प्रांत के शहर में लड़ाई तेज हो गई थी। इसके अलावा जिला1 में अमेरिका ने सोमवार की सुबह एयर स्ट्राइक भी की थी। पिछले कुछ सप्ताहों में तालिबान ने अफगानिस्तान के कई जिलों पर कब्जा कर लिया है। पूरे देश में तालिबान का कुल 223 जिलों पर नियंत्रण है। देश की 34 प्रांतीय राजधानियों में से 17 को तालिबान से सीधे तौर पर खतरा है।
देश में बिगड़ते हालात को लेकर अफगानी विदेश मंत्री अतमार ने मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से भी बातचीत की थी। इस दौरान हिंसा रोकने के तरीकों पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का आपात सत्र बुलाने की संभावना पर बात हुई। अतमार ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र व अंतराष्ट्रीय समुदाय को तालिबान की हिंसा रोकने में अहम भूमिका निभानी चाहिए। सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में मैं भारत की भूमिका की सराहना करता हूं। बता दें कि भारत अगस्त के लिए यूएनएससी का अध्यक्ष है।