अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन
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यूक्रेन को लेकर रूस और नाटो के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। लंबे समय तक सोवियत संघ का हिस्सा रह चुका यूक्रेन अब नाटो में शामिल होकर पश्चिमी देशों के धड़े में शामिल होना चाहता है। रूस यूक्रेन की सीमा पर भारी सैन्य बल तैनात कर रहा है। इस पर रूस को आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकियां दी जा रही हैं।
इसी मसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से वीडियो कॉल पर बात करेंगे। इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूक्रेन पर हमले की सूरत में रूस को भारी आर्थिक कीमत चुकाने को तैयार रहने की चेतावनी दी है। 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद भी ऐसे प्रतिबंध लगे थे। नाटो ने यूक्रेन को सेना को मजबूत करने के लिए पर्याप्त मदद दी है।
स्विफ्ट प्रणाली उपयोग पर प्रतिबंध संभव
रूस पर बेल्जियम आधारित स्विफ्ट प्रणाली के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इससे रूस दुनियाभर में हजारों खातों से रकम की निकासी और भुगतान नहीं कर पाएगा। कार्नेगी मॉस्को सेंटर से संबद्ध विशेषज्ञ मारिया शगीना कहती हैं कि अमेरिका ने ईरानी बैंकों को स्विफ्ट से डिस्कनेक्ट किया था तो तेल निर्यात राजस्व का आधा व विदेशी व्यापार का एक तिहाई हिस्सा खोना पड़ा था।
रूस से मिला कॉल का अनुरोध
व्हाइट हाउस और क्रेमलिन की तरफ से रविवार को बताया कि मंगलवार को जो बाइडन और व्लादिमिर पुतिन वीडियो कॉल के जरिये बात करेंगे। व्हाइट हाउस की तरफ से बताया कि बाइडन इस दौरान यूक्रेन की सीमा पर रूस की सेना की गतिविधयों को लेकर अमेरिका की चिंताओं को रखेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पसकी ने बताया कि रूस की तरफ से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त हुआ था।
यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं 70 हजार रूसी सैनिक
अमेरिका के अधिकारियों का दावा है कि रूस ने यूक्रेन की सीमा पर 70,000 हजार सैनिक तैनात कर रखे हैं। यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने कहा कि यूक्रेन की सीमा और क्रीमिया तैनात रूसी सैनिकों की संख्या 94,300 के करीब है, जनवरी में इनमें और बढ़ोतरी हो सकती है, संभव है रूस तभी हमला करे।