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US: चीन-रूस से डेटा की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सरकार का कदम, बाइडन कार्यकारी आदेश पर करेंगे हस्ताक्षर

Wed, 28 Feb 2024 11:05 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

चीन और रूस जैसे अमेरिकी विरोधी देशों तक नागरिकों का डेटा न पहुंचे इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। बाइडन प्रशासन के अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका के नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को बड़े पैमाने पर देश से बाहर जाने से रोकना है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीन और रूस जैसे अमेरिकी विरोधी देशों तक नागरिकों का डेटा न पहुंचे इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। जिसका मकसद चीन और रूस जैसे देशों से अमेरिकियों के डेटा की सुरक्षा करना है। 
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'नागरिक के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध'
बाइडन प्रशासन के अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका के नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को बड़े पैमाने पर देश से बाहर जाने से रोकना है। जिसको लेकर व्हाइट हाउस इसको रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, हमें पता चला है कि हमारे विरोधी हमारे डेटा को एक रणनीतिक संसाधन के तौर पर देखते हैं। गौरतलब है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने चिंता जाहिर करते हुए संभावित देशों में चीन, रूस, उत्तर कोरिया, ईरान क्यूबा और वेनेजुएला को सूचीबद्ध किया। 

'नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को निशाना बनाया जा रहा'
अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि कुछ देश अमेरिकी नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को हथियार बनाकर देश में साइबर गतिविधियों, जासूसी, ब्लैकमेल समेत कई अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने एक बयान में कहा कि कार्यकारी आदेश न्याय विभाग को उन देशों को अमेरिकियों के सबसे संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा की चोरी करने से रोकने का अधिकार देगा, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
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अमेरिकी न्याय विभाग विदेशी विरोधियों को डेटा इकट्ठा करने से रोकने के लिए सुरक्षा मानक बनाने के लिए होमलैंड सुरक्षा अधिकारियों के साथ काम करने की भी योजना बना रहा है।

डेटा ब्रोकरों के जरिए देशों को बेचा जा रहा- अमेरिका
जानकारी के मुताबिक जीनोमिक डेटा, व्यक्तिगत स्वास्थ्य डेटा, जियोलोकेशन डेटा, वित्तीय डेटा और कुछ व्यक्तिगत पहचान डेटा शामिल होंगे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी जानकारी को हासिल करने के लिए डेटा ब्रोकरों और साइबर अपराधी निशाना बनाते हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि कंपनियां पहले से कहीं ज्यादा नागरिकों के डेटा इकट्ठा कर रही है और उन्हें डेटा ब्रोकरों के जरिए बेचा जाता है। 
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