अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से अफगानिस्तान के हालात, क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा की। पेंटागन के मुताबिक, इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों में सुधार और क्षेत्र में साझा हितों का निर्माण करने में रुचि जताई गई। खासतौर पर अफगानिस्तान के हालात पर लॉयड ऑस्टिन ने चिंता जताई।
हवाई हमले तेज करने के अमेरिकी संकेत नहीं
अमेरिका ने अफगानिस्तान में हवाई हमले तेज करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने जोर दिया कि जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यह नेतृत्व के लिए झुकने जैसा है। अब यह उनका देश है, जिसका उन्हें ख्याल रखना है। यह उनका संघर्ष है। अमेरिका की खुद को संघर्ष से और दूर करने वाली टिप्पणियां तब आईं हैं जब तालिबान ने सोमवार को अफगानिस्तान की दो और प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर लिया। अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने सोमवार को अपने शीर्ष मध्य पूर्व कमांडर जनरल फ्रैंक मैकेंजी से बात की, लेकिन अफगानों की रक्षा में कोई नई सिफारिश नहीं दी।
महिलाओं के अस्तित्व पर गंभीर खतरा : यूएन
विश्व निकाय के मानवीय संस्था प्रमुख ने अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर करते हुए संघर्ष विराम का आग्रह किया है। ‘मानवीय मामलों तथा आपातकालीन सहायता समन्वयक’ के अवर महासचिव मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा कि अफगान बच्चे, महिलाएं और पुरुष मुश्किल में हैं और उन्हें हिंसा, असुरक्षा तथा डर के माहौल में हर दिन जीना पड़ रहा है। महिलाओं के अस्तित्व पर गंभीर खतरा है।
सैंडविच बना पाकिस्तान : कुरैशी
पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का मानना है कि अफगानिस्तान की नाकामी सिर्फ पाकिस्तान की नहीं बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कोई भी देश इससे मुंह नहीं मोड़ सकता है। कुरैशी ने कहा, कुछ ऐसे तत्व हैं जो अफगानिस्तान में शांति नहीं चाहते हैं। ऐसे तत्व पाक की छवि खराब करने की कोशिश कर कर रहे हैं और इन हालात में पाक किसी सैंडविच की तरह फंसा हुआ है।