अमेरिका ने अपने दोस्त इस्राइल पर हुए हमले को लेकर सख्ती दिखाई है। वॉशिंगटन ने ईरान द्वारा इस्राइल पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के मद्देनजर उसके तेल और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रेजरी विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई से ईरान पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। साथ ही क्षेत्र में स्थिरता को कमजोर करने और अमेरिकी साझेदारों एवं सहयोगियों पर हमला करने के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा राजस्व अर्जित करने की शासन की क्षमता सीमित होगी।
बता दें, ईरान ने एक अक्तूबर को इस्राइल पर हमला किया था। इस पर इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू लगातार बदला लेने की कदम खा रहे हैं।
खाड़ी राज्य इस्राइल को तेल साइटों पर हमला करने...
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि इस्राइल को ईरान के तेल क्षेत्रों पर हमला करने के विकल्प तलाशने चाहिए। खाड़ी के तीन सूत्रों ने बताया कि खाड़ी राज्य इस्राइल को तेल साइटों पर हमला करने से रोकने के लिए वाशिंगटन से पैरवी कर रहे हैं क्योंकि उन्हें चिंता है कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो उनकी अपनी सुविधाएं तेहरान के प्रॉक्सी के हमले की चपेट में आ सकती हैं।
ईरानी पेट्रोलियम व्यापार में लगी छह संस्थाओं पर प्रतिबंध
ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी पेट्रोलियम व्यापार में लगी छह संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं और छह जहाजों को अवरुद्ध संपत्ति के रूप में पहचाना है। इन पर आरोप है ये जानबूझकर ईरान से पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, ट्रांसपोर्ट या मार्केटिंग के लिए अहम लेन देन का हिस्सा रहे हैं। साथ ही ट्रेजरी विभाग राज्य विभाग की सलाह से एक फैसला ले रहा है, जिसके तहत ईरानी अर्थव्यवस्था के पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 10 संस्थाओं के विरुद्ध प्रतिबंध लगाए हैं तथा 17 जहाजों को अवरुद्ध संपत्ति के रूप में चिह्नित किया है, क्योंकि वे अमेरिकी-नामित संस्थाओं नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी या ट्रिलिएंस पेट्रोकेमिकल कंपनी लिमिटेड के समर्थन में ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खेप भेजने में शामिल थे।
यह फैसला आतंकवादियों को किसी भी तरह की मदद करने से रोकेगा
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि ये फैसला ईरान को अपने मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने और आतंकवादियों को किसी भी तरह की मदद करने से रोकेगा। वो आतंकी समूह जो अमेरिका के मित्र देशों को धमकी देते हैं या उनके खिलाफ काम करते हैं।