अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन उम्मीद कर रहे हैं कि 1.2 ट्रिलियन डॉलर का इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज पारित होने के बाद देश के श्रमिक वर्ग में और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए समर्थन में आ रही गिरावट पर विराम लगेगा। पार्टी का एक खेमा लगातार दलील देता रहा है कि श्रमिक वर्ग का समर्थन पाने का अकेला उपाय उससे किए गए वायदों को निभाना है। श्रमिक वर्ग डेमोक्रेटिक पार्टी का मुख्य समर्थन आधार है। समझा जाता है कि इस तबके की नाराजगी की वजह से हाल में वर्जीनिया और न्यू जर्सी राज्यों के गवर्नर के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की हार हुई।
अमेरिका में बने सामान को तरजीह
हाल में कांग्रेस (संसद) से पारित हुई नई इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत देश में सड़क, पुल, ऊर्जा स्रोतों, ब्रॉडबैंड आदि के निर्माण के साथ-साथ मैनुफैक्चरिंग कारोबार को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। बाइडन की योजना में यह शर्त शामिल है कि इसमें इस्तेमाल के लिए होने वाली खरीदारी में अमेरिका में निर्मित सामग्रियों की तरजीह दी जाएगी। इसका लाभ श्रमिक वर्ग को मिलेगा।
इस बीच श्रमिक वर्ग के नजरिए पर हुए एक व्यापक अध्ययन की रिपोर्ट जारी हुई है। ये अध्ययन डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनाव सर्वे करने वाले स्टैनली बी. ग्रीनबर्ग की देखरेख में हुआ। इसमें ऐसी एजेंसियां शामिल हुईं, जो खास कर ब्लैक और हिस्पैनिक (स्पेनिश भाषी) समुदायों के बीच काम करती हैं। इस अध्ययन का निष्कर्ष है कि इस तबके का समर्थन पाने की उम्मीद डेमोक्रेटिक पार्टी तभी कर सकती है, अगर उसकी सरकार आर्थिक रूप में मुश्किल में पड़े लोगों की मदद करे। साथ ही आर्थिक गैर-बराबरी घटाने वाले कदम उसे उठाने होंगे।
बाइडन की एप्रूवल रेटिंग 42 फीसदी तक गिरी
विश्लेषकों का कहना है कि 2012 के बाद से श्रमिक वर्ग में डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए समर्थन लगातार घटा है। 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में इस वर्ग के एक तिहाई से ज्यादा मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा को वोट दिए। लेकिन 2016 में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को इस तबके के 30 फीसदी से भी कम मतदाताओं ने समर्थन दिया। 2020 में पार्टी के लिए स्थिति कुछ सुधरी। लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज और बिल्ड बैक बेटर पैकेज को पारित कराने में हुई देर का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। इस समय राष्ट्रपति बाइडन की एप्रूवल रेटिंग (उनके काम से संतुष्ट लोगों की संख्या) 42 फीसदी तक आ गिरी है।
सोमवार को टीवी चैनल सीएनएन के जारी जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक 60 फीसदी लोगों की राय है कि बाइडन ने उन मसलों पर ध्यान नहीं दिया है, जो उनकी सबसे बड़ी चिंता हैं। बिल्ड बैक बेटर पैकेज अभी भी डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदरूनी झगड़े में फंसा हुआ है। 1.75 ट्रिलियन डॉलर के इस पैकेज के तहत परिवारों को वेतन के साथ अवकाश देने, बच्चों की देखभाल में सरकारी मदद, हेल्थ केयर में विस्तार, और जलवायु परिवर्तन रोकने की योजनाओं पर अमल के प्रावधान हैं।
ग्रीनबर्ग ने अपने अध्ययन के आधार पर कहा है कि लोग इस बात के लिए बेसब्र हैं कि कोई उनके मसलों को हल करे। डेमोक्रेटिक पार्टी को यह समझना होगा कि श्रमिक वर्ग के लोग किस अवस्था में हैं। लेकिन लंबा समय हुआ, जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐसा करने की कोशिश की थी। एमॉरी यूनिवर्सिटी में राजनीति शास्त्र के विशेषज्ञ एलन अब्रहामोविच ने सीएनएन से कहा- ‘बिल्ड बैक बेटर पैकेज आम लोगों के लिए बहुत लाभदायक होगा। उससे डेमोक्रेटिक पार्टी अगर कुछ वोटरों को भी अपने पक्ष में खींच पाई, तो उससे बहुत फर्क पड़ेगा।’