जी20 सम्मेलन में भारत के शेरपा पीयूष गोयल
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इटली की राजधानी रोम में इस समय जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस सम्मेलन में भारत के शेरपा के तौर पर गए हैं। सम्मेलन ने दूसरे दिन यहां गोयल ने कहा कि जी20 सम्मेलन में नेताओं ने 'रोम की घोषणा' अपनाई। यह बुलेटिन स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बेहद मजबूत संदेश देती है जहां हम इस पर सहमत हुए कि कोविड टीकाकरण वैश्विक हित में है, सुरक्षा और असर को लेकर डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्य कोविड टीकों को विभिन्न देशों के नियमों के अनुसार पारस्परिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।
पीयूष गोयल ने जी20 सम्मेलन के परिणामों को लेकर कहा कि कृषि क्षेत्र की बात करें तो छोटे औक सीमांत किसानों का जीवनयापन हमारी चर्चा के केंद्र में रहा। सब इस पर सहमत हुए कि ऐसे किसानों की आजीविका को बेहतर करना एक आवश्यक वैश्विक प्रयास है, जिसमें हम सबको योगदान देना है। उन्होंने कहा कि सबने इस पर सहमति जताई कि सभी टीका अनुमति व आपात उपयोग की अनुमति के लिए डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद करेंगे। इससे टीकों को मान्यता देने की प्रक्रिया तेज होगी।
केंद्रीय कैबिनेट में वाणिज्य, उद्योग एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि ऊर्जा और जलवायु स्पष्ट तौर पर हमारी चर्चा में मुख्य विषय रहा। भारत और कई अन्य विकासशील देशों ने विकसित हो रही दुनिया के हितों की सुरक्षा के मुद्दे पर जोर दिया। प्रतिबद्धता के वर्तमान स्तर से महत्वाकांक्षा को बढ़ाने के लिए कई विकसित देश हमसे जुड़े हैं। गोयल ने आगे कहा कि हम ऋण सेवा निलंबन पहल का विस्तार करने के लिए भी सहमत हुए जिससे कम आय वाले देशों पर इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण समय में ऋण का बोझ न पड़े।
गोयल ने आगे कहा कि वार्ताओं के दौरान हम ऐसे बिंदु पर पहुंचे जो इस बात की पुष्टि करता है कि विकसित दुनिया ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने की ओर पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। वह इसे स्वीकार करते हैं कि उन्हें एक स्वच्छ ऊर्जा वाली दुनिया के निर्माण के लिए जरूरी परिवर्तनों को लाने के लिए वित्त, प्रौद्योगिकी और सक्षमता प्रदान करनी होगी।