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संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन के चलते तेजी से बढ़ रहा है जल संकट, मौजूदा प्रयास नाकाफी

Wed, 06 Oct 2021 11:03 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जलवायु परिवर्तन के चलते बाढ़ और सूखा समेत जल से संबंधित अन्य समस्याओं में तेजी आ रही है। वहीं, बढ़ती आबादी के साथ बढ़ती मांग और उपलब्धता में कमी से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की भी आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (डब्ल्यूएमओ) ने दुनिया भर में बढ़ रहे जल संकट को लेकर अपनी एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट 'दि स्टेट ऑफ क्लाइमेट सर्विसेज 2021: वाटर' के अनुसार वर्तमान जल प्रबंधन, निगरानी, पूर्वानुमान और समय रहते चेतावनी दारी करने की प्रणालियों में समन्वय नहीं है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर जलवायु वित्त पोषण के लिए किए जा रहे प्रयास भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 में लगभग 3.5 अरब लोगों के पास हर साल में एक महीने के लिए पानी पर्याप्त रूप से सुलभ नहीं था। रिपोर्ट में साल 2050 तक इस आंकड़े के बढ़कर पांच अरब होने की आशंका जताई गई है और बताया गया है कि साल 2000 से जल से संबंधित आपदाओं में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है।

बढ़ता तापमान बन रहा है गंभीर संकट की वजह
डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी टालस का कहना है कि तापमान बढ़ने के परिणामस्वरूप वैश्विक और क्षेत्रीय जल संग्रहण में बदलाव आ रहा है। इसके चलते बारिश के रुझानों और कृषि ऋतुओं में भी परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका खाद्य सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर होगा।
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पिछले 20 साल में 29 फीसदी बढ़ीं सूखे की घटनाएं
सूखे की घटनाओं और उनकी अवधि में पिछले दो दशकों में 29 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले 20 साल में जमीन की सतह पर कुल जल और मिट्टी में नमी, बर्फ व जमे पानी समेत जमीन की उप सतह में जल की मात्रा में हर साल एक सेंटीमीटर की दर से कमी आई है। इसका जल सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।

संकट से निपटने के लिए इन सिफारिशों पर जोर
इस रिपोर्ट में जल प्रबंधन को बेहतर करने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।एकीकृत संसाधन जल प्रबंधन में निवेश करने को कहा गया है। देशों को जलवायु सेवाओं और समय रहते चेतावनी प्रणालियों के लिये डेटा जुटाने में व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए भी कहा गया है।

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