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चक्रवात अम्फान को आइला से कहीं अधिक विनाशकारी माना जा रहा: संयुक्त राष्ट्र

Fri, 22 May 2020 01:02 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

  • यूएन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने वाले चक्रवात अम्फान को अब आइला से कहीं अधिक विनाशकारी माना जा रहा है
  • सयुंक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोलकाता में ट्रांसफॉर्मर और दूरसंचार तारों में आग लग गई, पेड़ उखड़ गए
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अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा को प्रभावित किया है। - फोटो : PTI
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने वाले चक्रवात अम्फान को अब 2009 में दक्षिणी बांग्लादेश तथा पूर्वी भारत में आए चक्रवात आइला से कहीं अधिक विनाशकारी माना जा रहा है। चक्रवात अम्फान से पश्चिम बंगाल में 77 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए।

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चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार शाम को पश्चिम बंगाल और ओडिशा पहुंचा। इसने राज्य के सात जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इन जिलों के नाम - दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और कोलकाता हैं। इसके अलावा बीरभूम भी इससे प्रभावित हुआ है। 
 
संयुक्त राष्ट्र ने एक समाचार रिपोर्ट में कहा, 'भारत में संयुक्त राष्ट्र की कंट्री टीम ने बताया कि कोलकाता के आसपास व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाने वाले चक्रवात अम्फान को चक्रवात आइला से कहीं अधिक विनाशकारी माना जा रहा है जिसने मई 2009 में क्षेत्र में तबाही मचाई थी।'
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोलकाता में ट्रांसफॉर्मर और दूरसंचार तारों में आग लग गई, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली गुल हो गई। उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। इससे खेत में खड़ी फसलों और बागानों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

रिपोर्ट में यूएन का कहना है कि तूफान के कारण कोलकाता में ट्रांसफॉर्मर और टेलीकम्युनिकेशन में गड़बड़ी आई है, पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत सी सड़कें बंद हैं, दुकानों को नुकसान पहुंचा है और भारी वर्षा के कारण गलियों में पानी भर गया है। राज्य में तटबंध टूट गए हैं और कोलकाता हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है।
 
संगठन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मी चक्रवात से पीड़ित बांग्लादेश और भारत के लोगों की मदद करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की बच्चों के लिए काम करने वाली एजेंसी यूनीसेफ ने चिंता जताई कि कोविड-19 से दोनों देशों में चक्रवात के मानवीय परिणाम और गहरा सकते हैं। वह राज्य के विभागों के साथ स्थिति पर करीबी नजर रख रही है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि चक्रवात से बांग्लादेश में करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं जिनमें से 50 लाख परिवारों के बेघर होने की आशंका है। यूनीसेफ ने कहा कि बांग्लादेश और भारत में कम से कम 1.9 करोड़ बच्चों के बाढ़ और भारी बारिश की चपेट में आने का खतरा है।

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