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यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा : परमाणु संयंत्र में विस्फोट या रिसाव का मतलब पूरे यूरोप में कायमत, महाद्वीप खाली कराना पड़ेगा

Sat, 05 Mar 2022 06:15 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, कीव/बैंकॉक।

सार

यूक्रेन पर रूसी हमले में हजारों अपार्टमेंट तबाह होने के बाद लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और दस लाख यूक्रेनी तो देश छोड़ चुके हैं। उस पर भी जैपोरिझिया परमाणु संयंत्र पर रूसी बमबारी ने बेहद खतरनाक हालात उत्पन्न कर दिये हैं। हमले के बाद संयंत्र के एक हिस्से में लगी आग के बाद और रिएक्टरों को ठंडा रखने की प्रक्रिया के बाधा आने के बाद विकिरण फैलने का खतरा है। संयंत्र में धमाका हुआ तो समूचे यूरोप के विनाश का खतरा बताया जा रहा है।
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बमबारी से तबाह हुई एक इमारतें। - फोटो : PTI
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विस्तार
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यूक्रेन ने रूसी सेना पर जैपोरिझिया परमाणु ऊर्जा उत्पादन संयंत्र पर शुक्रवार को हमला करने का आरोप लगाया। हमले से संयंत्र के छह में से एक रिएक्टर में आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने चेताया कि विस्फोट या रेडियोएक्टिव पदार्थों का रिसाव हुआ तो यह न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप का अंत होगा। प्लांट पर रूस ने पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। यह साफ नहीं है कि संयंत्र पर कैसे हमला हुआ।

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निकटवर्ती शहर नेहोदर के मेयर दिमित्रो ओर्लोव का दावा है कि रूसी सेना के संयंत्र के निकट पहुंचने के बाद धमाके सुने गए। बाद में दिमित्रो को रूसी सेना ने बंधक बना लिया। जैपोरिझिया परमाणु संयंत्र के प्रवक्ता आंद्रेई तुज ने बताया कि एक रिएक्टर को नुकसान हुआ, हालांकि खतरा नहीं है। लेकिन परमाणु विशेषज्ञ इसे लेकर सजग हो गए हैं, उन्होंने बताया, यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र पर हमला खतरनाक हालात पैदा कर सकता है।

निरीक्षण करने दे रूस...
बाइडन ने रूस से  आग्रह किया है कि वह विशेषज्ञों को संयंत्र का निरीक्षण करने दे।

पावर प्लांट नष्ट किया...
रूस के हवाई हमले में ओखताइर्का में एक बिजली उत्पादन संयंत्र नष्ट हुआ है। यहां 70 से अधिक यूक्रेनी सैनिक हमलों में मारे गए हैं।

खतरा : पानी की सप्लाई रुकी तो होगा धमाका
संयंत्र में यूरेनियम ईंधन की रॉड को ठंडा करने के लिए  पानी पहुंचाया जाता है। अगर बिजली न हो तो डीजल जनरेटर उपयोग करते हैं। जनरेटर बंद हुए या डीजल खत्म हुआ तो पानी की सप्लाई रुकेगी। इससे जापान के फुकुशिमा संयंत्र के समान धमाका संभव है।
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सिडनी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेविड फ्लेचर के अनुसार, रिएक्टर बंद करके भी किसी को बचाया नहीं जा सकेगा। कूलिंग सिस्टम रिएक्टर बंद होने पर भी जरूरी होता है। आईएईए ने कहा, रिएक्टर में क्षति नहीं मिली है। रूस के कब्जे के बाद से यहां रेडियोएक्टिविटी सुरक्षित सीमा में है।

जांच के लिए आईसीसी टीम यूक्रेन रवाना...
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीसी) की टीम युद्ध अपराधों की जांच के लिए यूक्रेन चली गई गई है। मुख्य अभियोजक करीम खान ने बताया, जांच दल युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार किए जाने के सबूत जुटाएगा। यूक्रेन में युद्ध कानून के नियम लागू हैं।

ऐसे काम करती हैं ये ऊर्जा इकाइयां
  • परमाणु संयंत्र में बिजली बनाने में वाष्प से टरबाइन घुमाई जाती है। रिएक्टर में यूरेनियम के अणुओं को तोड़ा जाता है।
  • रिएक्टर के कोर में यूरेनियम ईंधन के रूप में एक सेमी की टिकिया में होता है।
  • इस टिकिया में 700 लीटर पेट्रोल जितनी ऊर्जा पैदा करने की क्षमता होती है। इन्हें 12 फुट लंबी रॉड में सेट कर रॉड के सैकड़ों बंडल बनाते हैं। इन्हें फ्यूल असेंबली कहते हैं।
  • कोर में कई फ्यूल असेंबली होती हैं। यूरेनियम अणु के विखंडन से ऊर्जा निकलती है।
  • ऊर्जा संयंत्र में पानी से वाष्प बनाती है। वाष्प टरबाइन घुमाकर बिजली बनाती है।
  • गर्म रॉड पानी से ठंडा करते हैं।
     
जैपोरिझिया में विस्फोट यूरोप का अंत साबित होगा। महाद्वीप खाली करवाना होगा। दुनिया रूस पर युद्ध खत्म करने का  दबाव डाले। -वोलोदिमीर जेलेंस्की, यूक्रेनी राष्ट्रपति
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जानिए...एटमी ऊर्जा उत्पादन प्रतिष्ठान पर रूस के हमले से दुनिया के लिए क्या हो सकता है खतरा

50%जरूरत की बिजली इन संयंत्रों से पाता है यूक्रेन
  • यूक्रेन के पास 15 परमाणु संयंत्र हैं। 6 रिएक्टर के साथ जैपोरिझिया सबसे बड़ा है।
  • जैपोरिझिया का हर रिएक्टर 950 मेगावाट बिजली उत्पादन करता है, यह 1984 से 1995 में शुरू हुए थे।
  • इन छह में से रिएक्टर संख्या 4 अभी काम कर रहा है, चार रिएक्टर ठंडे किए जा रहे हैं और एक में ईंधन की कमी है।
  • यूक्रेन में ही चेर्नोबिल है, जहां 1986 में रिक्टर में विस्फोट हुआ था, यहां से आज भी रेडियोएक्टिव पदार्थ रिस रहे हैं। यह भी अब रूस के कब्जे में है।
मैरियूपोल के मेयर ने कहा, शहर में खत्म हो रहा है खाना  
बंदरगाह शहर मैरियूपोल के मेयर वेदिम बोएचेंको ने शुक्रवार को कहा कि शहर में पानी, बिजली के बाद अब भोजन भी खत्म हो रहा है। रूसी सेना 5 दिन से इस शहर का घेरा डाले है  लेकिन यूक्रेनी सैनिकों ने उन्हें सफल नहीं होने दिया है। मेयर ने नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने की अपील की है।

जेलेंस्की यूक्रेन छोड़ गए : रूस
रूसी संसद ड्यूमा के अध्यक्ष वेचेस्लाव वोलोदिन ने कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की देश छोड़कर पोलैंड चले गए हैं। वोलोदिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, जेलेंस्की अब यूक्रेन में नहीं हैं। यूक्रेन की सुप्रीम काउंसिल वेरखोवना राडा के उनके सहयोगियों का कहना है कि लवीव में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। वह अब पोलैंड में हैं। जेलेंस्की ने पहले कहा था कि वह किसी हालत में देश छोड़कर नहीं जाएंगे। हालांकि पश्चिमी देश रूसी आक्रमण के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे और उनसे पहले ही देश छोड़ने का आग्रह किया गया था। एजेंसी
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