संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत दिमित्री पोलांस्की
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एक बार फिर रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में रूस ने यूक्रेन से खतरों और काला सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की उकसावे वाली कार्रवाई का जिक्र किया। साथ ही कहा कि वह तब तक यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा, जब तक उसे ऐसा करने के लिए उकसाया नहीं जाता।
संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत दिमित्री पोलांस्की ने गुरुवार को यूक्रेन से लगने वाली रूस की सीमा पर सैनिकों की तैनाती को लेकर सवालों के जवाब में यह बात कही। पोलांस्की से पूछा गया था कि क्या रूस, यूक्रेन पर हमला करने की योजना बना रहा है।
यूक्रेन सीमा पर सैनिकों की तैनाती से रूस पर अमेरिकी दबाव बढ़ गया है। बुधवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने यूक्रेन के विदेश मंत्री को आश्वासन दिया कि यूक्रेन की सुरक्षा एवं क्षेत्रीय अखंडता के लिए अमेरिका वचनबद्ध है।
पोलांस्की ने संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने जवाब में कहा कि यूक्रेन पर हमले की कोई योजना नहीं है और न ही कभी थी। जब तक कि हमें यूक्रेन या किसी और द्वारा ऐसा करने के लिए उकसाया नहीं जाता, हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे। रूस की राष्ट्रीय संप्रभुता को खतरा होने पर ही ऐसा कोई कदम उठाएंगे।
काला सागर के आसपास अमेरिकी युद्धपोत सक्रिय
पोलांस्की ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि यूक्रेन की ओर से कई खतरे पेश किए जा रहे हैं। यह भी ध्यान में रखें कि काला सागर के आसपास अमेरिकी युद्धपोत बहुत करीबी से काम कर रहे हैं। इसलिए काला सागर में हर दिन सीधे टकराव को टालना काफी मुश्किल होगा। हमने अमेरिकी सेना को आगाह किया है कि यह सीधे तौर पर उकसावे की कार्रवाई है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कही यह बात
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका को रूस की मंशा के बारे में नहीं पता, लेकिन अपने सैन्य हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए सीमा पर उकसावे को बढ़ावा देने का उसका इतिहास रहा है। वहां कोई उकसावे वाली कार्रवाई रूस ही कर रहा है कोई और नहीं।