यूक्रेन ने कहा है कि उसका रूस के साथ ‘ऊर्जा युद्ध’ शुरू हो गया है। उसने आरोप लगाया है कि रूस ने यूक्रेन में ऊर्जा सप्लाई को बाधित करने में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। इसकी वजह से यूक्रेन में बिजली कारखानों और घरों को गर्म रखने के सिस्टम के लिए दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
शुक्रवार को यूक्रेन के ऊर्जा उपमंत्री मेक्सिम नेमचिनोव ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा- ‘आज असल में हमारा रूस के साथ एक युद्ध चल रहा है। रूस कजाखस्तान से होने वाले कोयला आयात को रोक रहा है। साथ ही वह यूक्रेन की गैस परिवहन क्षमता को घटा रहा है।’ इसके पहले यूक्रेन की ऊर्जा समिति के प्रमुख आंद्रे गेरुस ने संसद में कहा कि रूस ने कजाखस्तान से कोयले को अपने रेलवेज के माध्यम से यूक्रेन जाने से रोक दिया है।
कजाख अधिकारियों ने कहा है कि रूस ने जानबूझ कर यूक्रेन के लिए उनके कोयले के निर्यात में रुकावट खड़ी नहीं की है। बल्कि सप्लाई में देरी रूस में इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी दिक्कतों की वजह से हो रही है। उधर रूस की ऊर्जा कंपनी गैजप्रोम ने खंडन किया है कि उसने यूक्रेन में गैस परिवहन संबंधी अधिक क्षमता को खरीद लिया है। गैस परिवहन लाइन सोवियत संघ के दौर में बनी थी। अब इसके कितने हिस्से का उपयोग रूस और यूक्रेन करेंगे, यह कोटा तय है।
रूस का आरोप है कि यूक्रेन का गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर पुराना पड़ गया है। यह बढ़ी मांग के मुताबिक गैस परिवहन में अक्षम हो गया है। रूसी अधिकारियों ने कहा है कि यूक्रेन के इस सिस्टम का आधुनिकीकरण करने में नाकाम रहने का भविष्य में खराब असर देखने को मिलेगा। उससे पाइपलाइन की क्षमता के साथ-साथ सुरक्षा भी खतरे में पड़ेगी।