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टीकाकरण नीति पर बवाल: भारत की कार्रवाई पर ब्रिटेन का जवाब, तकनीकी सहयोग पर दोनों देश संपर्क में

Sat, 02 Oct 2021 08:00 AM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

टीकाकरण की दोनों खुराक लेने वाले भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन ने अपने यहां आने के बाद भी क्वारंटीन में रखने का फैसला किया था, इस पर भारत सरकार ने भी करारा जवाब दिया है। भारत सरकार ने यूनाइटेड किंगडम से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन में रखने का फैसला सुनाया है। 
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विदेशी यात्री (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारतीय कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता न देना ब्रिटिश सरकार को महंगा पड़ गया। कोविशील्ड की दोनों टीकाकरण के बाद भी  ब्रिटेन ने भारतीय यात्रियों के लिए क्वारंटीन से गुजरने का आदेश जारी किया था। इसी बीच भारत ने करारा जवाब दिया है। अब ब्रिटेन से आने वाले लोगों के लिए भारत में 10 दिनों तक क्वारंटीन में रहना जरूरी होगा। इस पर ब्रिटेन ने कहा कि भारत की टीकाकरण नीति को अपने देश में विस्तार करने और लागू करने के लिए तकनीकी तौर पर भारत के साथ जुड़े हुए हैं। भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम दुनिया भर के देशों और क्षेत्रों में टीकाकरण नीति का विस्तार करने पर काम जारी रखे हुए हैं, जल्द ही इसे मान्यता दी जाएगी। 

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भारत ने ब्रिटेन को दी थी चेतावनी
दरअसल, ब्रिटेन ने भारत के कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट को अब तक मान्यता नहीं दी है, जिस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए यह फैसला लिया गया है। पहले ब्रिटेन ने भारत में लगने वाली कोविशील्ड वैक्सीन को ही मंजूरी प्राप्त टीकों से बाहर रखा था। भारत ने करारा जवाब देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने वैक्सीन को तो मंजूरी दे दी, लेकिन तकनीकी पेंच फंसाते हुए सर्टिफिकेट पर सवाल उठाया था।

ब्रिटेन ने कोविशील्ड को मान्य टीकों की लिस्ट से किया बाहर
बता दें कि हाल ही में ब्रिटिश सरकार ने 4 अक्तूबर से लागू होने वाली नई ट्रैवल गाइडलाइंस जारी की है, इसमें कोविशील्ड टीका को मान्य टीकों की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था। इस पर भारत ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद ब्रिटेन ने कोविशील्ड वैक्सीन को मंजूरी दे दी, लेकिन इसके बाद भारत में टीका लगने पर जारी होने वाले CoWin सर्टिफिकेट को लेकर पेंच फंसा दिया। इसके चलते टीके को मंजूरी मिलने के बाद भी भारतीय यात्रियों को राहत नहीं मिली। यही नहीं सर्टिफिकेट को मान्यता न मिलने की वजह से भारत में दो डोज ले चुके लोगों को भी अनवैक्सीनेटेड ही माना जाएगा और उन्हें क्वारंटीन नियम का पालन करना होगा। 

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