इटली के दक्षिणी क्षेत्र अपुलिया में वैश्विक मामलों पर G-7 देशों के नेताओं का तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का गुरुवार को शुरू हुआ। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को आउटरीच सत्र के लिए आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हावी हो सकती है। एड्रियाटिक सागर के तट पर एक लग्जरी होटल में G-7 नेताओं की मेजबानी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी कर रही हैं। इस समूह के सात सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस और जापान हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए समस्या के समाधान की बात करता आया है। इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आह्वान किया कि यूक्रेन के समर्थन में निर्णायक प्रयास किए जाने चाहिए। शिखर वार्ता से पहले सुनक ने कहा, हमें इस गंभीर क्षण में यूक्रेन का समर्थन करने और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अवैध आक्रमण को खत्म करने के लिए निर्णायक और रचनात्मक प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा, ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया में सबसे आगे बना हुआ है। हम शुरू से ही आगे रहे हैं। अगर हमें इस अवैध युद्ध को खत्म करना है तो हमें आगे बढ़ना होगा।सुनक ने कहा, हम शिखर सम्मेलन में यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया और वैश्विक खतरों पर चर्चा करेंगे। ऐसे खतरों की वजह से 2030 तक रक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.5 फीसदी खर्च करने की प्रतिबद्धता से ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।
डाउनिंग स्ट्रीट के एक बयान के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में सुनक यूक्रेन को तत्काल मानवीय, उर्जा जरूरतों का समर्थन करने और दीर्घकालिक आर्थिक व सामाजिक सुधार और पुनर्निर्माण की नींव रखने के लिए 242 मिलियन पाउंड की मदद की घोषणा करेंगे।
बयान में कहा गया, शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री (सुनक) की प्राथमिकता यूक्रेन की मदद के लिए भागीदारों के साथ काम करना होगा। इस बीच, बुधवार को नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज का युग युद्ध का नहीं है। उन्होंने कहा, हमने हमेशा कहा है कि बातचीत और कूटनीति सबसे अच्छा विकल्प है।