सशस्त्र बलों में महिलाओं पर हाउस ऑफ कॉमन्स रक्षा उप-समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रक्षा मंत्रालय व सैन्य सेवाएं महिला अधिकारियों की सुरक्षा करने और अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में उनकी मदद करने में विफल हो रहे हैं। इस रिपोर्ट को 'प्रोटेक्टिंग दोज हू प्रोटेक्टेड अस: वूमेन इन दि आर्म्ड फोर्सेज फ्रॉम रिक्रूटमेंट टू सिविलियन लाइफ' नाम दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस रिपोर्ट को तैयार करने में जिन महिला सैन्य अधिकारियों से बात की गई उनमें से अधिकतम ने कहा कि वह सैन्य बलों को करियर के तौर पर अपनाने की सलाह देंगी। वहीं 3000 से अधिक (करीब 84 फीसदी) महिलाओं ने कहा कि सेना में महिला सेवा अधिकारियों को अपने पुरुष समकक्षों के मुकाबले कहीं अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कन्जर्वेटिव पार्टी की सांसद और इस उप-समिति की अध्यक्ष सारा एथरटन ने कहा कि महिलाएं हमारी सेना की सफलता और देश की सुरक्षा का अहम हिस्सा हैं, फिर भी सैन्य बलों में उन्हें अपने पुरुष साथियों के मुकाबले अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को प्रमोशन में बाधा, अनुचित व्यवहार और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।