अमेरिकी नौसेना के विस्फोटक उपकरण संबंधी विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर में ओमान तट के पास तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया गया है।
इस हमले के दौरान उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। तेल टैंकर ‘मर्सर स्ट्रीट’ पर हुआ हमला ईरान के साथ एटमी समझौता टूटने को लेकर पैदा हुए तनाव के चलते क्षेत्र में व्यावसायिक नौवहन पर कई वर्षों बाद पहला ज्ञात घातक हमला है।
इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है लेकिन इस्राइली अधिकारियों ने ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। ईरान ने प्रत्यक्ष रूप से हमले को स्वीकार नहीं किया है लेकिन यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब तेहरान पश्चिम के साथ और भी सख्त रुख अपनाने की ओर अग्रसर है।
अमेरिकी नौसेना के पश्चिम एशिया स्थित ‘पांचवें फ्लीट’ ने शनिवार सुबह जारी बयान में कहा कि एटमी शक्ति चालित अमेरिका के विमानवाहक पोत ‘यूएसएस रोनाल्ड रीगन’ और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक ‘यूएसएस मित्सचर’ अब मर्सर स्ट्रीट के सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंचने तक उसका मार्गरक्षण कर रहे हैं।
पांचवें फ्लीट ने कहा, पोत पर तैनात विस्फोटक विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटे हैं कि चालक दल के सदस्यों को कोई अतिरिक्त खतरा न हो और हमले की जांच में सहयोग दिया जाए।
ईरान सिर्फ इस्राइल की समस्या नहीं
एक इस्राइली अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस धमाके के लिए ईरान को दोषी ठहराया है। उधर, इस्राइल के विदेश मंत्री यैर लापिद ने ट्वीट किया कि उन्होंने ब्रिटिश विदेश मंत्री डॉमनिक रॉब से इस हमले का गंभीर जवाब देने की जरूरत पर बात की है।
उन्होंने इस मामले में सीधे तौर पर ईरान को दोषी नहीं ठहराया, लेकिन कहा, ईरान सिर्फ इस्राइल की समस्या नहीं बल्कि आतंक, विनाश और अस्थिरता का निर्यातक है जो पूरी दुनिया को प्रभावित करता है।