कोर्ट रूम में अपनी सहानुभूति और करुणा के लिए फेमस टीवी जज फ्रैंक कैप्रियो को इस समय दुआओं की जरूरत है। दरअसल, कैप्रियो को पैनक्रिएटिक कैंसर है। यह जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दी।
जन्मदिन पर मिली यह खबर
कैच इन प्रोविडेंस के जज कैप्रियो ने अपने कैंसर की बीमारी का जिक्र करते हुए एक इमोशनल वीडियो में लोगों से उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआ मांगने को कहा है। छह दिसंबर को इंस्टाग्राम पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा, 'मेरे लिए साल के सबसे खुशी के दिनों में से एक मेरा जन्मदिन है। यह जन्मदिन मेरे अब तक के किसी भी जन्मदिन से थोड़ा अलग है। हाल ही में मैंन जांच कराई थी, जिसमें पता चला कि मुझे कैंसर हो गया है।’
यहां चल रहा इलाज
उन्होंने बताया कि वर्तमान में रोड आइलैंड में डाना-फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट में डॉक्टरों की एक टीम इलाज कर रही है, जो बोस्टन और मैसाचुसेट्स में मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल का हिस्सा है।
यह आसान नहीं होने वाला
87 साल के कैप्रियो ने आगे कहा, 'हाल ही में मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, इसलिए डॉक्टरों को दिखाया। जांच करने पर पता चला कि मुझे कैंसर है। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान सब सही करेंगे। मुझे पता है कि यह आसान नहीं होने वाला है। इसे सही होने में समय लगेगा। मैं इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।'
मेरे लिए लोग...
उन्होंने कहा, 'कुछ लोग पूछ रहे कि वह मेरे लिए क्या कर सकते हैं। तो मैं बस यही कहना चाहूंगा कि आप लोगों के प्यार और अच्छे संदेशों के लिए जितना भी धन्यवाद दूं कम ही है। बस यही कहूंगा कि आप सभी मेरे ठीक होने के लिए अपने-अपने तरीके से प्रार्थना करें।
टीवी जज ने कहा, 'मुझे दुआओं की जरूरत है। मेरा मानना है इलाज के अलावा मुझे जो जल्दी सही कर सकता है वो है प्रार्थनाएं।'
जनवरी में वायरल हुआ था वीडियो
इस साल की शुरुआत में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक लड़की कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही थी और बेंच पर बैठे जज उसे सजा सुना रहे थे। दरअसल, लड़की के ऊपर आरोप था कि उसके पास पार्किंग स्टीकर नहीं थे और फिर भी उसने नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर दी। जज को देखकर लड़की डर रही थी, लेकिन मुनसिपल कोर्ट के जज फ्रैंक कैपरियो ने उसे तसल्ली दी। बाद में सुनवाई कर उसपर 20 डॉलर का जुर्माना लगाया और साथ ही उसे यह छूट भी दी वो इसे जब चाहे तब जमा कर सकती है। हालांकि, जज को उस लड़की ने जब अपनी स्थिती बताई कि वो एक 10 महीने के बच्चे की मां है तो जज ने उल्टा उसे पचास डॉलर देने का आदेश दिया था। ताकि वह उससे अपने बच्चे की देखभाल कर सके और साथ ही ये नसीहत दी थी की वह जब इस काबिल हो जाए तो कि दूसरों की मदद कर सके को इन पैसों को जरूर किसी गरीब को लौटा दे।
इस वीडियो को ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा, ‘अगर मुझे किसी को अमेरिका से भारत लाने की अनुमति मिल जाए तो मैं इन्हें जरूर ले आऊंगा।’