सत्ता पर काबिज होते ही महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाला तालिबान अपना रंग बदलने लगा है। अब तालिबान की ओर से तुगलकी फरमान जारी हुआ है। इसके तहत अफगानिस्तान में केवल उन्हीं महिलाओं को पढ़ाई की इजाजत होगी जो हिबाज पहनेंगी। इसके अलावा महिलाएं अगर काम पर जाना चाहती हैं तो उन्हें बुर्का पहनना अनिवार्य होगा।
संस्कृति से समझौता नहीं
तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने विदेशी मीडिया से बात की। कहा कि हमारी संस्कृति है कि महिलाएं हिजाब पहनकर शिक्षा पा सकती हैं और पर्दे में रहकर काम भी कर सकती हैं। इसलिए हमें महिलाओं के अधिकारों से कोई परेशानी नहीं है। बशर्ते हमारी संस्कृति से समझौता न किया जाए।
अमेरिका न करे संस्कृति बदलने की कोशिश
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद अमेरिका ने अपील की थी कि वहां की महिलाओं को बिना हिजाब काम करने व शिक्षा प्राप्त करने की इजाजत दी जाए, लेकिन तालिबानी प्रवक्ता का कहना है कि अमेरिका हमारी संस्कृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। यह कोशिश नहीं होनी चाहिए। संगठन के दृष्टिकोण से यह अस्वीकार्य है।