100 फीट लंबी इस खास लिमोजीन को जे ओरबर्ग ने 90 के दशक की शुरुआत में डिजाइन किया था। ओरबर्ग एक कार कलेक्टर भी थे जो हर तरह के वाहन खरीदा करते थे। इस कार में कुल 26 पहिये लगे हुए हैं और इसे दोनों ओर से चलाया जा सकता है।
ओरबर्ग ने इस कार के डिजाइन पर 1980 के दशक में काम शुरू किया था और 1992 में वह इसे हकीकत में बदल पाए। इस कार में एक जोड़ी वी8 इंजन का इस्तेमाल किया गया है। कार में एक इंजन आगे की ओर और दूसरा इंजन पीछे की ओर लगाया गया है।
स्वीमिंग पूल, गोल्फ कोर्स के साथ हेलिपैड भी मौजूद
यह कार इतनी बड़ी है कि इसमें एक स्वीमिंग पूल, जकूजी, बाथटब और छोटे से गोल्फ कोर्स के साथ हेलिपैड भी है। इस कार में एक बार में 70 से अधिक लोग सवार हो सकते हैं। इस कार में कुछ टीवी, रेफ्रिजरेटर और एक टेलीफोन की सुविधा भी दी गई है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद यह काफी लोकप्रिय हुई। कई कार्यक्रमों में इसका प्रदर्शन किया गया। खास तौर पर सिनेमा के लिए बनाई गई थी। इस कार के निजी उपयोग के लिए 50 से 200 डॉलर प्रतिघंटे की राशि चुकानी पड़ती थी।
रखरखाव के अभाव में बिगड़ गए इस कार के हालात
इतनी सुविधाओं के बावजूद इसकी देखभाल करना काफी कठिन और खर्चीला था। सिनेमा से मिलने वाले पैसों से इसका रखरखाव करना संभव नहीं था। ऐसे में साल 2012 तक यह कार केवल नाम की कार रह गई। इसके पहिये और खिड़की भी गायब हो गए।
इस कार के पुराने दिन लौटाने के लिए एक संग्रहालय को काम करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद न्यूयॉर्क के तकनीकी शिक्षण संग्रहालय ऑटोजियम ने इसके पुनरुद्धार का बीड़ा उठाया लेकिन कोरोना महामारी ने इसमें अड़ंगा लगा दिया।
फिर शुरू हुआ काम, जल्द बिखेरेगी सड़कों पर जलवा
अब कोरोना वायरस महामारी का संकट लगभग दूर होने के बाद इस कार को फिर से उसी हाल में वापस लाने का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि दुनिया की सबसे लंबी यह कार एक बार फिर सड़कों पर अपना जलवा बिखेरती नजर आएगी।