मलेशियाई एयरलाइंस का लापता विमान MH370 आज भी रहस्य बना हुआ है। यह विमान मार्च 2014 में कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए रवाना होने के बाद गायब हो गया था। इसमें 239 यात्री भी सवार थे। इसकी खोज कई महीने चली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। अब अमेरिका की एक कंपनी ने दावा किया है कि उसके पास करीब एक दशक से लापता विमान से जुड़े कुछ वैज्ञानिक सबूत हैं।
मलेशिया सरकार के पास प्रस्ताव
अमेरिकी कंपनी ओशन इन्फिनिटी पहले ही विमान की खोज के लिए मलेशिया सरकार को एक प्रस्ताव सौंप चुका है। अब उसने दक्षिणी हिंद महासागर में तलाश करने का प्रस्ताव रखा है, जहां माना जाता है कि विमान एक दशक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
यहां तलाश करना हमेशा दिमाग में
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवर प्लंकेट ने कहा, 'हम अब विमान को खोजने चाहते हैं। हमने महसूस किया कि हम विमान की तलाश करने की स्थिति में हैं। इसके लिए हमने मलेशियाई सरकार को एक प्रस्ताव सौंप दिया है। एमएच 370 को साल 2018 में दक्षिणी हिंद महासागर में तलाश नहीं करना हमेशा हमारे दिमाग में रहा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'तब से ही हमने समुद्र में अभियान चलाने पर ध्यान दिया। महासागर में खोज करने के लिए प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा।'
साल 2018 में की थी खोज
गौरतलब है, कंपनी ने विमान की तलाश के लिए नया प्रस्ताव 'नो फाइंड, नो फीस सर्च' दिया है। ओशन इन्फिनिटी ने आखिरी बार 2018 में लापता विमान को खोजने का प्रयास किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया के परिवहन मंत्री का कहना है कि उन्होंने नए सबूत साझा करने के लिए महासागर इन्फिनिटी को आमंत्रित किया है। साथ ही वादा किया है कि अगर यह विश्वसनीय होंगे तो वह नई खोज को हरी झंडी दे देंगे। बता दें, मलेशियाई सरकार लंबे समय से कह रही है कि वह विमान के स्थान के बारे में सुराग के बिना एक और नई खोज की अनुमति नहीं देगी।
यह है मामला
गौरतलब है कि एक एमएच 370 विमान, जिसमें 227 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। ये विमान कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ और बीजिंग के रास्ते में था जब यह अचानक गायब हो गया। व्यापक खोज अभियान और अनगिनत व्यक्तियों के प्रयासों के बावजूद, विमान कभी नहीं मिला। हालांकि कई वर्षों बाद मलबे की खोज की गई थी, लेकिन यह विमान या उसमें सवार यात्रियों के बारे में कोई निर्णायक सबूत देने में विफल रहा है। जनवरी 2015 में मलेशियाई सरकार द्वारा सभी 239 यात्रियों और चालक दल को मृत मान लेने की घोषणा ने पीड़ितों के परिवारों के दुख को और गहरा कर दिया।