अफगानिस्तान में शनिवार को राष्ट्रपति भवन पर तालिबान का झंडा फहराता दिखाई दिया, जिसे उसकी अफगान सत्ता पर कब्जे पर आखिरी मुहर माना जा रहा है।
शुक्रवार देर रात राष्ट्रपति भवन पर फहराया गया तालिबान का झंडा उस सुबह हवा में लहराता दिखाई दिया, जिस सुबह अमेरिका और बाकी दुनिया ओसामा बिन लादेन के कट्टरपंथी संगठन अल कायदा की तरफ से 11 सितंबर, 2001 को किए गए आतंकी हमले की 20वीं बरसी पर शोक जताने के लिए जागी थी।
बता दें कि इसी हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला बोला था और अल कायदा का संरक्षण कर रहे तालिबान की सत्ता को उखाड़ फेंका था।
दुनियाभर में 9/11 हमले के तौर पर मशहूर इस घटना की बरसी इस साल अफगानिस्तान में एक बार फिर तालिबान की वापसी के साथ आई है, जिसने 20 साल तक अफगान धरती पर युद्ध करने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाओं की वापसी को अपनी जीत के तौर पर प्रचारित किया है।
तालिबान लड़ाकों ने शनिवार सुबह राष्ट्रपति भवन पर अपना झंडा फहराने के साथ ही काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास की बंद बिल्डिंग की दीवार पर भी अपने सफेद पृष्ठभूमि वाले झंडे को पेंट से उकेर दिया है।