तास की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और दवाओं की भारी कमी है, जिसके कारण इनकी कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं।काबुल के निवासियों ने बताया कि आटे के दाम 30 फीसदी व सब्जियों के दाम 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान के हालात दिन-ब-दिन खराब हो रहे हैं। सूखे और दो दशक के युद्ध से जूझ रहे अफगानियों को अब भोजन और दवाओं के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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तास की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और दवाओं की भारी कमी है, जिसके कारण इनकी कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। इसके अलावा ज्यादातर लोग तालिबानी शासन में अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कहीं कोई कामकाज भी नहीं कर पा रहे हैं।
टैक्सी व बस चलाने वाले लोगों का कहना है अगस्त में तालिबान के कब्जे के बाद से तेल की कीमतें करीब 40 फीसदी तक बढ़ गई हैं, जिसके चलते गुजारा करना मुश्किल हो गया है। वहीं, काबुल के निवासियों ने बताया कि आटे के दाम 30 फीसदी व सब्जियों के दाम 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके अलावा बैंक से धन निकासी पर लगी पाबंदियों की वजह से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एजेंसी
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पासपोर्ट व राष्ट्रीय पहचान कार्ड बदलेगा तालिबान
तालिबानी शासकों को पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान कार्ड की फिक्र सता रही है। तालिबान जल्द ही इन्हें बदलने जा रहा है। खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को तालिबान के सूचना व संस्कृति मंत्रालय के उप-मंत्री जबीहुल्ला मुजाहिद ने एलान किया है कि अफगानी पासपोर्ट और एनआईडी पर इस्लामी अमीरात ऑफ अफगानिस्तान लिखा जाएगा। नए दस्तावेज जारी होने तक पुराने दस्तावेज वैध माने जाएंगे।