तालिबान का सह-संस्थापक और अब अफगानिस्तान के उपप्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने सोमवार को एक ऑडियो बयान जारी किया। इसके जरिए उसने सोशल मीडिया पर उसके निधन की खबर को झूठा करार दिया। उसने कहा कि वह जिंदा है और बिल्कुल ठीक है। अफगानिस्तान की नई तालिबान सरकार में नंबर दो का ओहदा रखने वाले अब्दुल गनी बरादर ने तालिबान द्वारा पोस्ट किए गए एक ऑडियो में मौत की अफवाहों को फर्जी प्रचार करार दिया है।
बता दें कि बरादर की मौत की खबरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति महल में प्रतिद्वंद्वी तालिबान गुटों के साथ हुई गोलीबारी में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसकी जान चली गई थी।
बरादर ने ऑडियो में कहा कि मीडिया में मेरी मौत की खबर थी। पिछली कुछ रातों से मैं यात्रा कर रहा हूं। मैं इस समय जहां भी हूं, मेरे सभी भाई और दोस्त ठीक हैं। मीडिया हमेशा से फर्जी प्रचार करता रहा है। इसलिए, उन सभी झूठों को बहादुरी से खारिज करें। मैं आपको 100 प्रतिशत पुष्टि करता हूं कि कोई समस्या नहीं है।
मुल्ला अब्दुल गनी बरादर उन चार लोगों में से एक है जिन्होंने तालिबान का गठन किया था। वो तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का खास था। 2001 में अमेरिकी हमले के वक्त वो देश का रक्षामंत्री था। 2010 में अमेरिका और पाकिस्तान ने एक ऑपरेशन में बरादर को गिरफ्तार कर लिया। उस वक्त शांति वार्ता के लिए अफगानिस्तान सरकार बरादर की रिहाई की मांग की थी। सितंबर 2013 में उसे रिहा कर दिया गया। 2018 में जब तालिबान ने कतर के दोहा में अपना राजनीतिक दफ्तर खोला। वहां अमेरिका से शांति वार्ता के लिए जाने वाले लोगों में मुल्ला अब्दुल गनी बरादर प्रमुख था। उसने हमेशा अमेरिका के साथ बातचीत का समर्थन किया है।