ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने चीन की बढ़ती आक्रामकता को लेकर फॉरेन अफेयर्स पर एक लेख लिखा है। ताइवानी राष्ट्रपति ने इस लेख में कहा कि चीन अगर ताइवान पर कब्ज़ा कर लेता है तो यह पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इससे पहले ताइवान के पीएम सन सेंग-चांग ने भी कहा था कि चीन की बढ़ती आक्रमकता ताइवान और क्षेत्र की शांति के लिए एक बड़ा खतरा है।
ताइवान की राष्ट्रपति ने लिखा की- 'ताइवान शांति चाहता है, लेकिन अगर हमारे लोकतंत्र और जीवन जीने के तरीको को कोई भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, तो हम सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। हम अपनी आत्मरक्षा के लिए जो भी सही लगे वह करेंगे, हम चीन के दवाब में नहीं आएंगे'। उन्होंने दुनिया के अन्य देशों को भी संबोधित करते हुए लिखा कि ताइवान पर तानाशाही शासन वाले चीन का कब्जा क्षेत्रीय शांति और दुनिया भर में लोकतांत्रिक साझेदारी के लिए भी विनाशकारी सिद्ध होगा। दुनिया को चीनी खतरे को समझना होगा।
चीन लगातार बढ़ा रहा है आक्रामकता
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अक्तूबर महीने में लगभग 150 सैन्य विमान ताइवान की वायु सीमा में भेजे हैं। इसे चीन के द्वारा अब तक का सबसे आक्रामक कदम बताया जा रहा है। बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान को बलपूवर्क चीन में मिलाने की धमकी दी हुई है। चीन ने अपने राष्ट्रीय दिवस पर भी ताइवान की सीमा में 38 विमान भेजे थे। पूरी दुनिया ने इसे आक्रमक कार्रवाई माना है जबकि चीन ने इसे अपना सामान्य अभ्यास बताया और कहा कि यह आत्मरक्षा के लिए जरूरी कदम है।