फ्रांस में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने एक अनोखा मोड़ ले लिया है। इन प्रदर्शनों के दौरान, जो अब झड़पों और अशांति में बदल चुके हैं, लोग कैप्टन अमेरिका, स्पाइडर-मैन, बैटमैन, डेडपूल और सुपरमैन जैसे सुपरहीरो और काल्पनिक किरदारों की वेशभूषा में नजर आ रहे हैं।
प्रदर्शन में क्या पहने दिखे लोग?
ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा मार्सिले से सामने आया, जहां कैप्टन अमेरिका की पोशाक पहने एक प्रदर्शनकारी को पुलिस की ओर से इस्तेमाल की जा रही तेज पानी की बौछारों (वाटर कैनन) को अपनी ढाल से रोकते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अन्य वीडियो में बोर्डो में बैटमैन और पेरिस में स्पाइडर-मैन की पोशाक पहने लोग दिखाई दिए, जिससे इन विरोध प्रदर्शनों में एक बिल्कुल अलग और अनोखा नजारा देखने को मिला।
कैप्टन अमेरिका का वाटर कैनन से सामना
मार्सेई में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान, कैप्टन अमेरिका की वेशभूषा में एक प्रदर्शनकारी चर्चा का विषय बन गया। फुटेज में उसे पुलिस के वाटर कैनन के सामने सुपरहीरो वाली ढाल का इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जिसके बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुपरहीरो की वेशभूषा अपनाना लोगों के लिए अपनी बात को अनोखे अंदाज में सामने रखने का तरीका हो सकता है। कैप्टन अमेरिका, स्पाइडर-मैन और बैटमैन जैसे किरदारों ने इन प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर चर्चा में ला दिया। आम तौर पर प्रदर्शन लोगों के गुस्से, पुलिस की तैनाती और झड़पों से भरे होते थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति है या व्यक्तिगत पहल।
फ्रांस में क्यों हो रहा प्रदर्शन?
ये प्रदर्शन अब छात्रों की शुरुआती लामबंदी से आगे बढ़ चुके हैं। इनमें अब छात्र, शिक्षक, ट्रेड यूनियन और 'येलो वेस्ट' आंदोलन के समर्थक भी शामिल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पेरिस और अन्य शहरों में 5 लाख से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए। ये लोग बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली से परेशान होकर सुधारों की मांग कर रहे थे।
इस अशांति के बीच पेरिस के 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' में कुछ हैरान करने वाले नजारे देखने को मिले। यहां 'मैरिएन' की मूर्ति, जो फ्रांसीसी गणराज्य का प्रतीक है। उसको 'येलो वेस्ट' पहने हुए देखा गया। स्मारक के आधार पर बनी आजादी, समानता और भाईचारे की प्रतीक मूर्तियों के चेहरों पर काले निशान थे, जो आंसुओं की तरह लग रहे थे। वहीं, पूरा इलाका आंसू गैस के धुएं से भर गया था।