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पाकिस्तान में पति की हैवानियत, दोस्तों के सामने नहीं नाचने पर पत्नी को नंगा कर पीटा, बाल मूंडा

Sat, 30 Mar 2019 04:21 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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पति मियां फैसल के साथ अस्मा अजीज, अस्मा का सिर मूंडा - फोटो : Twitter
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एक पाकिस्तानी पति को अपनी पत्नी के साथ हैवानियत करने पर गिरफ्तार कर चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पति पर आरोप है कि उसकी पत्नी ने उसके दोस्तों के सामने नाचने से मना कर दिया तो उसने अपनी पत्नी को नग्न कर उसकी पिटाई की और उसका सिर मूंड दिया। 
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अधिकारियों को इस शर्मसार कर देनेवाली घटना के बारे में तब पता चला जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में दिखने वाली महिला ने अपना नाम अस्मा अजीज बताया। उसके चेहरे में जख्म थे और वह मदद के लिए लोगों से भीख मांग रही थी। 

पाकिस्तान के उत्तर-पूर्वी पंजाब प्रांत के लाहौर की रहनेवाली अस्मा ने वीडियो में कहा है कि उसके पति मियां फैसल और उनके सहयोगी बुरी तरह नाराज हो गए जब उसने उनके सामने नाचने से इनकार कर दिया। 
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उसने आरोप लगाया कि उन्होंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और सिर मूंडकर उसे अपमानित किया। इसके बाद उसे लोहे के पाइप से पीटा। 

वीडियो में अस्मा आगे कहती है कि 'उसने (पति) अपने कर्मचारियों के सामने मेरे कपड़े उतार दिए। कर्मचारियों ने मुझे पकड़ लिया और उसने मेरे बाल काट दिए और उसे मेरे सामने जला दिया।'

'मेरे कपड़े खून से सने हुए थे। मुझे एक पाइप से बांध दिया और पंखे से लटका दिया। उसने मुझे नग्न अवस्था में फांसी पर लटकाने की धमकी दी।'

अस्मा कहती हैं कि चार साल पहले जब उनकी शादी हुई थी तब फैसल उसे प्यार करता था। लेकिन छह महीने बाद ही उसका व्यवहार बदल गया। 

तीन बच्चों की मां अस्मा का कहना है कि उसका पति उसे पीटता है। खासतौर पर शराब पीने के बाद। और अक्सर घर पर पार्टी के लिए अपने 'असभ्य' दोस्तों को बुला लेता था। 

सोशल मीडिया में बुधवार को पोस्ट किए गए वीडियो में अस्मा रो-रो कर बताती है कि उस दिन की घटना के बाद कैसे वह घर से भाग निकली और पुलिस स्टेशन तक पहुंच पाई। 

लेकिन उसकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई। उसने कहा कि अधिकारियों ने मामला दर्ज करने से मना कर दिया क्योंकि उसके पास रिश्वत देने के पैसे नहीं थे। 

वह कहती हैं कि पुलिस ने उसका इलाज भी नहीं होने दिया और इस बात पर अड़े रहे कि वह पहले उन्हें पैसे दे। 

अस्मा ने कहा, "पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए नकद पैसों की मांग की। मेरे पास उन्हें देने के लिए नकदी नहीं थी। मैं कैसे और कहां से उन्हें पैसे दूं?" 

उसने कहा कि उसे लगा कि उसके पास एकमात्र यह रास्ता बचा था कि वह जनता से मदद मांगे, क्योंकि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और उसका कोई अपना नहीं है जिससे वह मदद मांग सके। 
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मानवाधिकार मंत्री ने गिरफ्तारी के आदेश दिए

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पति मियां फैसल और उसका सहयोगी राशिद अली - फोटो : Twitter
वायरल वीडियो को देखने के बाद, प्रधानमंत्री इमरान खान की कैबिनेट में मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने ट्विटर पर लिखा कि उनके कार्यालय ने इस बात का संज्ञान लिया है और दो पुरुषों - अस्मा के पति मियां फैसल और उनके कर्मचारी राशिद अली को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।

पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों को गुरुवार को चार दिनों की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया। अस्मा ने शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी। 

उसने अपने बयान में कहा, "मेरे पति अपने दो दोस्तों को हमारे घर ले आए और मुझसे शराब पीने और उनके सामने नाचने के लिए कहा। जब मैंने मना कर दिया तो मेरे पति फैसल ने मेरे पैर बांध दिए और मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।" 

पंजाब पुलिस की प्रवक्ता नबीला गजनफर ने एआरवाई न्यूज को बताया कि इस घटना की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है और तब तक पीड़िता को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है।

डॉन न्यूज टीवी के मुताबिक उसके पास अस्मा की मेडिकल जांच की रिपोर्ट है। रिपोर्ट के मुताबिक अस्मा के बाएं हाथ पर कई चोटें थीं, दोनों गालों पर चोट और सूजन थी, उसके हाथ पर एक कट, उसकी बाईं आंख लाल थी और उससे पानी बह रहा था, उसे चक्कर और उल्टी भी आए। 

रिपोर्ट के अनुसार, इस बात की कोई संभावना नहीं है कि ये नकली चोटें हों। रिपोर्ट में इसकी अनुशंसा है कि वह अपने सिर और हाथ का एक्स-रे कराए और साथ ही ऑप्टिकल, ऑर्थोपेडिक और न्यूरोलॉजिकल विशेषज्ञों की राय ले। 

एमनेस्टी इंटरनेशनल साउथ एशिया ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा कि 'हालांकि यह खुशी की बात है कि अस्मा अजीज के अत्याचारियों के खिलाफ कड़ी और तेजी से कार्रवाई की गई है। हम दुख के साथ इस बात को नोट करते हैं कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामल चिंताजनक रूप से बढ़ गए हैं।' 

'महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। केवल केस दर केस के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।'

गल्फ न्यूज ने पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग का हवाला देते हुए बताया कि पिछले साल पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 2,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।

2016 में पाकिस्तान जॉर्ज टाउन इंस्टीट्यूट के महिला, शांति और सुरक्षा सूचकांक पर 153 देशों की सूची में 150वें स्थान पर था। आंकड़ों में कहा गया है कि एक चौथाई से अधिक (27 प्रतिशत) महिलाओं ने कहा कि उन्होंने घरेलू हिंसा का सामना किया है। 
 

 
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