पाकिस्तानी सेना पत्रकारों की टीम को बालाकोट ले गई
भारतीय वायु सेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू जेट विमानों के पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर को नष्ट करने के एक महीने बाद, आखिरकार पाकिस्तानी सरकार ने मीडिया को घटनास्थल का दौरा करने की इजाजत दी। हमले की जगह पर किसी भी आगंतुक के जाने पर मनाही के बाद पाकिस्तान सेना का जनसंपर्क विभाग आईएसपीआर पत्रकारों के एक दल को वहां ले कर गया, सिर्फ यह प्रचार करने के लिए कि भारतीय वायुसेना के हमले से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पत्रकारों के इस दल का दौरा 28 मार्च को हुआ था।
हालांकि सच जानने गए पत्रकारों को यहां भी निराशा हाथ लगी। बालाकोट के कुछ इलाके अभी भी पाकिस्तानी अर्द्धसैनिक बलों के कब्जे में हैं और यहां पर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। पत्रकारों को केवल उन्हीं जगहों को दिखाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना उन्हें लेकर गई।
खबरों के मुताबिक 28 मार्च को पाकिस्तान सेना पत्रकारों के एक समूह को हेलिकॉप्टर से बालाकोट लेकर गई। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 28 मार्च को पत्रकार सुबह 10 बजे से दोपहर करीब 3 बजे तक तक घटनास्थल पर मौजूद रहे।
जानकारी के मुताबिक वहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के मदरसे में अब भी 300 से ज्यादा बच्चे मौजूद हैं। पाकिस्तानी सेना ने पत्रकारों को उन बच्चों से मिलने दिया और उनका वीडियो भी बनाने दिया।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल का कुछ हिस्सा अभी भी ढक कर रखा गया है। वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है। उस जगह की निगरानी पाकिस्तान की अर्द्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान के हवाले है।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में हवाई हमला किया जिसमें जैश के करीब 300 आतंकियों और उनके ट्रेनर के सफाए का दावा किया गया।