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Sri Lanka: विवादास्पद ऑनलाइन सुरक्षा विधेयक को संसद से मंजूरी, विपक्ष बोला- खत्म हो जाएगी अभिव्यक्ति की आजादी

Wed, 24 Jan 2024 08:28 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

Sri Lanka: श्रीलंका की संसद ने संशोधनों के साथ विवादास्पद ऑनलाइन सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी है। विधेयक के पक्ष में कुल 108 वोट पड़े, जबकि विरोध में 62 सदस्यों ने वोट किया। 
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श्रीलंका की संसद। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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श्रीलंका की संसद ने विवादास्पद ऑनलाइन सुरक्षा को मंजूरी दी है। विधेयक पर दो दिन तक बहस चली। इसके बाद बुधवार को इसके पक्ष में 108 और विरोध में 62 वोट पड़े। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दिए गए संशोधन के सुझावों को भी इस विधेयक में शामिल किया गया था। विपक्ष इस विधेयक की आलोचना कर रहा था। विधेयक में ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करने का प्रावधान है। आलोचकों का कहना है कि यह द्वीप राष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म कर देगा। 

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संसद से मंजूरी के बाद यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है। इसके तहत ऑनलाइन सुरक्षा आयोग के गठन का भी प्रावधान है। जो अपराध पर दंडात्मक फैसले ले सकेगा। यदि कोई व्यक्ति बिना तथ्यों के कोई बयान ऑनलाइन प्रसारित करता है और इसके लिए वह दोषी पाया जाता है तो उसे पांच साल से ज्यादा समय के लिए जेल की सजा हो सकती है या पांच लाख रुपये (एसएलआर) से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने विधेयक के 57 प्रावधानों में से 31 में संशोधन का फैसला किया था। 

इससे पहले विधेयक की कड़ी आलोचना की गई थी। कहा जा रहा था कि यह अभिव्यक्ति की आजादी में बाधा बनेगा। विपक्ष ने एशियाई इंटरनेट गठबंधन (एआईसी) के बयान का हवाला दिया कि विधेयक विदेश निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों में बाधा बनेगा। विपक्ष ने संकल्प लिया कि सत्ता में आने के बाद वह इसे निरस्त कर देगी। एआईसी ने कहा था, प्रस्तावित विधेयक (कानून) अपने मौजूदा स्वरूप में कई चुनौतियां पेश करता है। जिन्हें अगर संबोधित नहीं किया जाता है, तो यह श्रीलंका की डिजिटल अर्थव्यस्था में संभावित वृद्धि को कम कर सकता है। 
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पहले दिन मंगलवार को विपक्ष ने स्पीकर महिंदा यापा अबेवर्दना से बहस को स्थगित करने की मांग की थी। इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए मतदान कराया था कि विधेयक पर बहस को आगे बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं। इसके बाद 225 सांसदों में से 83 ने बहस कराने के पक्ष में वोट किया था। जबकि, पचास ने इसके खिलाफ वोट किया। 
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