कार्यभार ग्रहण करते श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके।
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श्रीलंका में नई सरकार के गठन के बाद सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। यह सबसे छोटी कैबिनेट की बैठक थी, जिसमें राष्ट्रपति समेत सिर्फ तीन मंत्री शामिल हुए। नए कैबिनेट के प्रवक्ता विजिता हेराथ, जो मंत्री हैं और फिलहाल कई मंत्रालय संभाल रहे हैं, उन्होंने कहा कि 'वे, नवनियुक्त राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या के साथ, सोमवार की बैठक में उपस्थित हुए। यह अब तक की सबसे छोटी कैबिनेट बैठक थी।'
श्रीलंका में जल्द होंगे संसदीय चुनाव
पिछले सप्ताह, राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने सहित चार सदस्यों की कैबिनेट नियुक्त की थी। संविधान में कैबिनेट पदों को 25 मंत्रियों तक सीमित किया गया है। हेराथ ने कहा कि अगला चुनाव जीतने के बाद भी यही संख्या बनी रहेगी और कोई राज्य मंत्री नियुक्त नहीं किया जाएगा। श्रीलंका में आगामी 21 सितंबर को संसद भवन के 225 सदस्यों की नियुक्ति के लिए संसदीय चुनाव होने वाले हैं। ये चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के तुरंत बाद हो रहे हैं। ये चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब श्रीलंका ने 2022 के आर्थिक संकट से धीमी गति से उबरने के संकेत दिए हैं। हेराथ ने कहा कि संसदीय चुनाव में 11 अरब श्रीलंकाई रुपये खर्च होंगे।
कैबिनेट में हुए ये अहम फैसले
हेराथ ने कहा, '5 अरब रुपये राष्ट्रपति में निहित शक्तियों के तहत आवंटित किए जाएंगे। साथ ही 6 अरब रुपये को 2025 के बजटीय आवंटन से लिया जाएगा।' हेराथ ने बताया कि पहली कैबिनेट बैठक में अर्थव्यवस्था और वित्त पर दो राष्ट्रपति सलाहकारों की नियुक्ति के अलावा, मंत्रिमंडल ने राजनेताओं को दिए गए विशेषाधिकारों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय पैनल नियुक्त करने का फैसला किया है। हेराथ ने कहा, 'समिति आवश्यक मौजूदा अधिनियमों का अध्ययन करेगी और राष्ट्रपति को सिफारिशें करेगी।' चुनाव से पहले, एनपीपी ने सभी पूर्व राष्ट्रपतियों और उनकी विधवाओं को दिए गए विशेषाधिकारों और सांसदों के पेंशन अधिकारों को समाप्त करने का संकल्प लिया था।