श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के बीच नाराज श्रीलंकाई प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर धावा बोल दिया। लोगों ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास में बने स्विमिंग पूल में नहाते हुए भी दिखाई दिए। इतना ही नहीं वीडियो में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास की रसोई और घर में घूमते हुए दिखाई दिए।
इससे पहले श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पीएम पद से इस्तीफा का एलान कर दिया। श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट और भारी जनआक्रोश की वजह से विक्रमसिंघे को इस्तीफा देना पड़ा। विक्रमसिंघे ने 12 मई को श्रीलंका के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। हालांकि, प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने ट्वीट किया, सभी नागरिकों की सुरक्षा सहित सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मैं आज पार्टी नेताओं की सर्वदलीय सरकार के लिए रास्ता बनाने की सबसे अच्छी सिफारिश को स्वीकार करता हूं। इसे सुगम बनाने के लिए मैं प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दूंगा।
इस बीच प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने और तत्काल समाधान खोजने के लिए पार्टी नेताओं की भागीदारी के साथ एक आपात बैठक बुलाई थी। पीएमओ ने बताया था कि प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वह इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार के लिए रास्ता बनाने के लिए तैयार हैं। इस बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैठक में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री दोनों को इस्तीफा देने को कहा गया है। स्पीकर को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव दिया गया है।
राजपक्षे पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव
देश में जारी संकट की वजह से राजपक्षे पर मार्च से ही इस्तीफा देने का दबाव बढ़ रहा है। वह अप्रैल में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कब्जा करने के बाद से ही राष्ट्रपति आवास को अपने आवास तथा कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शनिवार के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रपति को शुक्रवार को उनके आवास से बाहर ले जाया गया था। राष्ट्रपति को कहां ले जाया गया है, इस बारे में पता नहीं चल सका है। हालांकि, अटकलें है कि राजपक्षे देश छोड़ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के कार्यालय और आधिकारिक आवास दोनों पर कब्जा कर लिया है।