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Sri Lanka: चीनी जहाज पर श्रीलंका-चीन ने शुरू किया शोध, भारत की आपत्ति के बाद भी श्रीलंकाई सरकार ने दी मंजूरी

Wed, 01 Nov 2023 05:33 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

कोलंबो विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। यह जहाज फिलहाल पश्चिमी जल क्षेत्र से दूर मौजूद है। उन्होंने पुष्टि की, राष्ट्रीय जलीय अनुसंधान एजेंसी (एनएआरए) के वैज्ञानिकों, नौसेना और रूहुना विश्वविद्यालय के कर्मियों को बोर्ड पर जाने की मंजूरी दी गई है।
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china srilanka flag - फोटो : iStock
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विस्तार
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भारत और अमेरिका द्वारा जताई गई चिंताओं के बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि चीन-श्रीलंका के वैज्ञानिक एक चीनी अनुसंधान पोत पर साझा समुद्री विज्ञान गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। चीनी जहाज शी यान-6 पिछले हफ्ते कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा, जिसे भारतीय चिंता के चलते श्रीलंका ने लंगर डालने की मंजूरी में देरी की।
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कोलंबो विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। यह जहाज फिलहाल पश्चिमी जल क्षेत्र से दूर मौजूद है। उन्होंने पुष्टि की, राष्ट्रीय जलीय अनुसंधान एजेंसी (एनएआरए) के वैज्ञानिकों, नौसेना और रूहुना विश्वविद्यालय के कर्मियों को बोर्ड पर जाने की मंजूरी दी गई है। एनएआरए के महानिदेशक डॉ. कमल तेनाकून ने कहा, जहाज कोलंबो में बेंटारा के पास समुद्र में अनुसंधान गतिविधियों में लगा हुआ है। चीनी भूभौतिकीय वैज्ञानिक अनुसंधान पोत ने सोमवार को श्रीलंका सागर में अनुसंधान अभियान शुरू किया। 1,115 डीडब्ल्यूटी की वहन क्षमता वाले इस जहाज की लंबाई 5.3 मीटर, कुल लंबाई 90.6 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर बताई गई है। यह भूभौतिकीय अन्वेषण संबंधी चीन का पहला वैज्ञानिक अनुसंधान पोत है। एनएआरए के 4 अफसर अनुसंधान गतिविधियों में शामिल हुए जबकि दो नौसेना अधिकारी भी अनुसंधान दल में शामिल हुए। 

समुद्री ताप व लहरों की स्थिति का मछलियों पर असर का पता लगा रहे
जलीय अनुसंधान एजेंसी एनएआरए ने कहा कि शोध के दौरान समुद्री जल का तापमान, समुद्री लहरों की स्थिति, वे मछलियों को कैसे प्रभावित करती हैं और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन किया जाएगा। अनुसंधान में विभिन्न समुद्री जल स्तरों के नमूनों का भी परीक्षण किया जाएगा। गतिविधियों के समापन पर जहाज पर मौजूद श्रीलंकाई कर्मियों को पश्चिमी जल क्षेत्र से कोलंबो वापस लाएगा।
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अमेरिका की ओर से भी जताई जा चुकी है आपत्ति
शी यान 6 का आगमन पिछले सप्ताह राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की चीन यात्रा के बाद हुआ। पिछले महीने, अमेरिका ने द्वीप राष्ट्र में चीनी अनुसंधान जहाज की निर्धारित यात्रा के बारे में श्रीलंका से चिंता व्यक्त की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर न्यूयॉर्क में श्रीलंकाई विदेश मंत्री अली साबरी से अमेरिकी अवर मंत्री विक्टोरिया नूलैंड ने चीनी जहाज को लेकर चिंता जताई थी, जबकि चीन नियमित रूप से अनुसंधान निगरानी जहाजों को श्रीलंका भेजता है। भारत भी चीनी जहाजों के श्रीलंका दौरे पर चिंता जताता रहा है। भारत ने अगस्त में भी चीनी नौसैन्य युद्धपोत के दौरे पर चिंता जताई थी।
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