दक्षिण अफ्रीकी मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष एंजेलिक कोएट्जी
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दक्षिण अफ्रीकी मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष एंजेलिक कोएट्जी पहली अधिकारी थीं जिन्होंने कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में सरकार को अलर्ट किया था। गुरुवार को उन्होंने ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसकी वजह से देश में बने हालात को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई से बात की।
कोएट्जी ने कहा कि मैं हैरत में थी। हमने पिछले कुछ सप्ताह से कोरोना के मरीज न के बराबर देखे थे। जब बड़ी संख्या में अचानक मरीज आने लगे तो मैं सोचने लगी थी कि हम ऐसी हालत में क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमण की दर एक फीसदी से भी कम पर थी।
हमें मामले सामने की उम्मीद दिसंबर अंत और जनवरी की शुरुआत में त्योहारी सीजन के दौरान थी। ऐसे में यह हमारे लिए समय पूर्व रहा। मैंने मरीजों की जांच की तो उनमें सामान्य वायरल संक्रमण जैसे लक्षण दिख रहे थे। लेकिन जांच कराने पर उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की बात सामने आई।
कोएट्जी ने कहा अभी इसके बारे में हम जो जानते हैं वह यह है कि आरटी-पीसीआर जांच में यह पकड़ में आता है। रैपिड जांच से बता सकती हैं कि आपको कोविड है या नहीं। अगर संक्रमण के लक्षणों को देखें और लक्षण डेल्टा जैसे नहीं हैं तो यह माना जा सकते हैं कि व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित है।
दक्षिण अफ़्रीकी मेडिकल असन चेयरपर्सन ने एएनआई को बताया कि ओमिक्रॉन में अधिकतर थकान हुई होगी। शरीर में दर्द और पीड़ा होगी। उनमें से कुछ को काफी तेज सिरदर्द और थकान हुई। लेकिन किसी ने गंध/स्वाद के नुकसान, गंभीर रूप से अवरुद्ध नाक या गंभीर तापमान की बात नहीं की।
आगे बताया कि तो, हम यही कहते हैं। यह प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर डेल्टा संस्करण की तुलना में हल्का है। अस्पताल के स्तर पर, वह तस्वीर बदल सकती है, लेकिन ये बहुत शुरुआती दिन हैं, अस्पतालों में अभी तक ज्यादा लोग नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तो टीके बीमारी से आपकी रक्षा करेंगे।