सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के भाई ली सीन यांग को मानहानि मामले में मुआवजा देना होगा। सिंगापुर की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि दोषी ली सीन यांग को भारतीय मूल के दो मंत्रियों को सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के लिए मुआवजा देना होगा। बता दें भारतीय मूल के मंत्री के. शणमुगम और विवियन बालाकृष्णन के खिलाफ सोशल मीडिया पर पीएम के भाई ली सीन यांग ने टिप्पणी की थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मानहानि के मुकदमे में यांग द्वारा जवाब न दिए जाने पर कोर्ट ने मंगलवार को दोनों मंत्रियों के पक्ष में फैसला सुनाया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुआवजा में दी जाने वाली राशि का आकलन अगली सुनवाई में किया जाएगा। न्यायाधीश ने यांग को झूठे आरोपों को प्रसारित करने से रोकने के लिए चेतावनी भी दी गई है।
बता दें जुलाई माह में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शणमुगम ने कहा था कि यांग ने मुझ पर और बालाकृष्णन पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के जरिए कमाई करने का आरोप लगाया है। इन टिप्पणियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच ब्यूरो ने जून में दोनों मंत्रियों के खिलाफ आरोपों को गलत पाया था। हालांकि मंत्रियों ने 27 जुलाई को यांग को पत्र भेजकर पोस्ट और सभी संबंधित टिप्पणियों को हटाने के लिए कहा था। पत्र में यांग से सोशल मीडिया पेज पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की गई थी।