नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा ने सरकार से अपनी साठगांठ के आरोपों के बीच पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। इससे नेपाल में असाधारण न्यायिक संकट खड़ा हो गया है। दरअसल राणा पर अपने रिश्तेदार को शेर बहादुर देउबा सरकार में मंत्री बनाने में करने मदद का आरोप है।
इस कारण वहां के सुप्रीम कोर्ट के जजों के एक धड़े ने मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफे की मांग कर दी, जबकि कुछ वकीलों ने सर्वोच्च न्यायालय का बहिष्कार करने का फैसला किया है। राणा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के 15 न्यायाधीशों की बैठक में कहा कि महज सड़कों पर और मीडिया में आवाज उठने से वह अपने पद से त्यागपत्र नहीं देंगे, बल्कि वह सांविधानिक कार्यवाही का सामना करेंगे।
सूडान में तख्तापलट के बाद लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसके तहत सेना ने देश में लोकतंत्र की वकालत करने वाले तीन प्रमुख लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोकतंत्र समर्थकों में इस्माइल अल-ताज, सादिक अल-सादिक अल-महदीक और खालिद अल-सिलायक शामिल हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से सेना पर तख्तापलट वापस लेने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सेना द्वारा अपदस्थ प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमदोक और उनकी पत्नी को घर लौटने की अनुमति देने के कुछ घंटों बाद ही लोकतंत्र समर्थक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।