विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भारत कम से कम सात प्रतिशत वृद्धि दर के साथ इस साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा।
रियाद में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन संकट की वजह से दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और परिणामस्वरूप मुद्रा स्फीति बढ़ी है, लेकिन इन सबके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। भारत के विदेश मंत्री के रूप में उनकी यह सऊदी अरब की पहली यात्रा है।
जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित करने और उच्च आय वाला देश बनाने की दिशा में शक्तिशाली प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत उन तरीकों के बारे में सोचता है जिससे वह अपनी क्रेडिट, बैंकिंग, शिक्षा और श्रम नीति को बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बड़े सुधार हुए हैं और हम उसके परिणाम दो बहुत ही दिलचस्प वाकयों से देख सकते हैं। 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए बीते वित्त वर्ष में हमने अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है। हमारा कुल निर्यात 670 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा।
इसमें से 400 अरब अमेरिकी डॉलर के माल का व्यापार किया गया। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि एक व्यापारिक शक्ति के रूप में भारत का आइडिया आज विश्वसनीय हो गया है।
भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए
भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच शनिवार को परामर्श के तंत्र को लेकर एक समझौता हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव नायेफ फलाह मुबारक अल-हजरफ के साथ इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ट्वीट के माध्यम से इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि (जीसीसी) के महासचिव नायेफ फलाह मुबारक अल-हजरफ के साथ वार्ता काफी सकारात्मक रही। जयशंकर ने ट्वीट में लिखा कि वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति और उसके संदर्भ में भारत-जीसीसी सहयोग की प्रासंगिकता पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मिले जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब के जेद्दा में एचआरएच क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की।