रवांडा निर्वासन नीति को लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं में आपसी कलह दिख रहा है। जहां एक तरफ पीएम सुनक अवैध प्रवासियों को घुसने पर रोक लगाने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, बुधवार को आव्रजन मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है।
रवांडा निर्वासन नीति को लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दो टूक शब्दों में बयान दिया है। उन्होंने कहा, इस नीति को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने इसके कार्यान्वयन के खिलाफ हर बाधा को दूर करने की बात की है।
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ऋषि सुनक ने कहा, अब तक का सख्त आव्रजन कानून पेश
पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि नया बिल शीर्ष अदालत की चिंताओं को इंगित करता है। यह नीति को अवरुद्ध करने वाली कानूनी चुनौतियों को समाप्त करता है। गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा कि हमने सबसे सख्त आव्रजन कानून पेश किया है। सुनक ने कड़े शब्दों में कहा कि हम अवैध प्रवासियों को यहां आने से रोकेंगे। हम सभी नौकाओं को रोक देंगे।
सुनक बोले, मैं खुद अप्रवासियों का बच्चा हूं
कड़े शब्दों में पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि कुछ लोग नियमों में कटौती चाहते हैं, यह प्रणाली की निष्पक्षता को कमजोर करता है। मैं खुद अप्रवासियों का बच्चा हूं, मैं समझ सकता हूं कि क्यों कुछ लोग जोखिम उठाते हैं। लेकिन मेरा परिवार अवैध तरीके से नहीं बल्कि कानूनी रूप से यहां आया था। सुनक ने प्रेस वार्ता में कहा कि कानून का अर्थ है लोगों का विश्वास बहाल करना। साथ ही यह सुनिश्चित करना की व्यवस्ता निष्पक्ष हो।
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सुप्रीम कोर्ट ने रवांडा नीति को बताया था गैरकानूनी
गौरतलब है कि ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह सुनक सरकार की रवांडा योजना को गैरकानूनी बताकर रोक लगा दी थी। वहीं प्रेस वार्ता में पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं था, हालांकि मैं इसका सम्मान करता हूं। हमने कोर्ट को जवाब देने के लिए पिछले सप्ताह तीन प्रयास किए। उन्होंने कहा कि रवांडा एक सुरक्षित देश है।
सत्तारूढ़ दल के नेता ही आमने-सामने
बता दें कि सत्तारूढ़ दल कंजर्वेटिव सरकार अवैध प्रवासियों के निर्वासन के मुद्दे पर आपसी संघर्ष का सामना कर रही है। जहां एक तरफ कई नेता इस नीति के पक्ष में है, तो कई पार्टी के नेता फिर से कानूनी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें पिछले माह सुनक ने पूर्व गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के कारण बर्खास्त कर दिया था। वहीं बुधवार को ब्रिटेन के आव्रजन मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने रवांडा निर्वासन नीति पर पीएम सुनक के रुख के बाद इस्तीफा दे दिया।