रूस और नाटो के बीच मतभेद चरम स्तर पर पहुंच गए हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव ने कहा है कि रूस नाटो में अपने मिशन को निलंबित कर रहा है। इसके साथ ही उनका देश मौजूदा कूटनीतिक गतिरोध के चलते मॉस्को में पश्चिमी सैन्य ब्लॉक के संपर्क मिशन को भी बंद कर रहा है।
नाटो के कदम के विरोध में लिया फैसला
विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यह कदम पिछले हफ्ते नाटो द्वारा सैन्य गठबंधन के लिए रूस के मिशन के आठ सदस्यों के निष्कासन के जवाब में उठाया गया है। लावरोव ने यह भी घोषणा की कि मॉस्को में नाटो के सैन्य संपर्क और सूचना कार्यालय बंद रहेंगे।
लावरोव ने कहा कि नाटो के इस कदम के बाद हमने पाया कि अब हमारे पर व्यवहारिक रूप से काम करने के लिए कुछ नहीं बचा है इसलिए हमने नाटो में स्थायी मिशन को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मुख्य सैन्य दूत भी 1 नवंबर से काम करना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि बेल्जियम स्थित रूस के दूतावास के जरिए पश्चिमी गठबंधन और मॉस्को के बीच संपर्क किया जा सकता है।
2014 में नाटो ने किया था सहयोग निलंबित
नाटो ने 2014 में रूस के साथ उस वक्त व्यवहारिक रूप से सहयोग निलंबित कर दिया था जब उसने यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया था। लेकिन नाटो ने रूप से साथ सैन्य सहयोग और उच्च स्तरीय बैठकें जारी रखने के लिए चैनल को खुला रखा था। लेकिन तब से नाटो-रूस काउंसिल ने कभी कभार ही मुलाकातें की हैं।