शांत और शातिराना अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर से दिखा दिया है कि उनकी चालों को समझना कितना मुश्किल है। यूक्रेन में इस समय जो कुछ भी हो रहा है, दुनिया उससे पांच घंटे पीछे चल रही है। दरअसल, पुतिन यूक्रेन की पूरी पटकथा दुनिया के सामने लाने से पांच घंटे पहले ही लिख चुके थे। मीडिया ब्रीफिंग से लेकर, डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र देश घोषित करने और सेना भेजने के सभी आदेश पांच घंटे पहले ही लिए जा चुके थे।
नतीजतन, जब अमेरिका और यूक्रेन को यह सब कुछ पता चला, रूसी फौज दोनों शहर पर कब्जे के लिए तैयार हो चुकी थी। अब तो यह खबर सामने आ रही है कि डोनेत्स्क के रास्ते पर रूसी टैंकों को देखा गया है।
घड़ी ने खोले राज
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सामने सबूत के लिए रूस सिर्फ एक तमाशे का मंचन कर रहा था। देखा गया कि, पुतिन के राष्ट्र के नाम संबोधन, डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र देश घोषित करने का वीडियो जारी होने के समय रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु की घड़ी पांच घंटे धीमी गति से चल रही थी। यह सब बातें इस बात का इशारा करती हैं कि, यह सुनवाई पांच घंटे पहले ही रिकॉर्ड कर ली गई थी। यानी दुनिया के सामने आने से पांच घंटे पहले पुतिन फैसला ले चुके थे।
क्या है डोनेत्स्क और लुहांस्क की स्थिति?
पूर्वी यूक्रेन में रूस की सीमा से लगे डोनेत्स्क की गिनती एक समय यूक्रेन के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर होती थी। यह डोनबास राज्य का मुख्य शहर है, जहां कई अहम खनिजों का भंडार है। यह शहर यूक्रेन के बड़े स्टील उत्पादक केंद्रों में से है। यहां की जनसंख्या करीब 20 लाख है। वहीं, लुहांस्क जिसे पहले वोरोशिलोवग्राद के नाम से जाना जाता था, यूक्रेन के लिए कोयले का अहम भंडार है। यह शहर भी डोनबास क्षेत्र का हिस्सा है और रूस के साथ सीमा साझा करता है। इस शहर का उत्तरी हिस्सा ब्लैक सी से लगता है।
रक्षा मंत्रालय को पुतिन का आदेश
पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अलगाववादियों के कब्जे वाले डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र करार दे दिया। ये दोनों ही क्षेत्र रूस की सीमा के करीब हैं। इसके ठीक बाद पुतिन ने अपने रक्षा मंत्रालय को आदेश दिया कि वह रूसी सैनिकों को इन दोनों शहरों में भेजकर शांति अभियान चलाए। यानी रूस ने सीधे तौर पर यूक्रेन में सैन्य अभियान चलाने का आदेश दे दिया।
पुतिन को यूक्रेन मामले में नहीं मिला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन
रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में अलगाववादियों को अपने नियंत्रण में लाने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक में यूएनएससी सदस्यों से कोई समर्थन नहीं मिला। यूक्रेन ने दोनेस्क और लोहान्स्क के अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने सहित विभिन्न मुद्दों पर पुतिन के कदमों की निंदा करने के लिए विशेष सत्र का बुलाया था। रूस इस माह सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है और वह बैठक नहीं चाहता था, लेकिन राजनयिकों ने कहा कि पश्चिमी देशों और अन्य सदस्यों के तीव्र दबाव में वे खुले सत्र के लिए सहमत हुए। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांसीसी राजदूत निकोलस डी रिवेरे ने कहा कि रूस ‘चुनौती और टकराव का रास्ता चुन रहा है जबकि फ्रांस व जर्मनी सहित अन्य देशों ने पिछले दिनों में तनाव कम करने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
12 घंटों में पुतिन ने भेजे 13 हजार सैनिक, क्रेमलिन ने बताया आक्रमण का आगाज
यूक्रेन सेना के कब्जे वाले दोनेत्सक, लुहांस्क व होर्लिवका इलाके में रूस के करीब 13 हजार सैनिक मंगलवार को घुस गए। अलगाववादियों का समर्थन करते हुए पुतिन ने इन इलाकों को आजाद घोषित करने का आदेश भी दे दिया। क्रेमलिन ने इसे रूसी आक्रमण का आगाज बताया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने कहा, वे रूस के साथ रिश्ते तोड़ने पर विचार कर रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री ने कहा, हम हर चुनौती से निपटने को तैयार हैं।
कहां कितने रूसी सैनिक
दोनेत्सक: 6000
लुहांस्क : 5000
होर्लिवका : 1500 सैनिक