रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, हमें अफसोस है कि पश्चिम की ओर से एकजुट होकर जी-20 की गतिविधियों को अस्थिर किया जा रहा है और इसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ टकराव वाले नजरिए से किया जा रहा है।
रूस ने रविवार को आरोप लगाया कि बेंगलुरु में जी-20 के वित्त मंत्रियों की बैठक बिना किसी साझा सरकारी सूचना के खत्म हुई, क्योंकि यूक्रेन को लेकर पश्चिम का सामूहिक रूप से मॉस्को के प्रति टकराव वाला रुख है।
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जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक शनिवार को बिना किसी संयुक्त बयान जारी किए ही खत्म हो गई, क्योंकि रूस और चीन संयुक्त बयान पर सहमत नहीं हुए। हालांकि, बैठक के अंत में भारत ने जी-20 के अध्यक्ष के रूप में सारांश और परिणाम दस्तावेज जारी किया था।
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में भारत की अध्यक्षता की रचनात्मक भूमिका का जिक्र किया और कहा कि उसने सभी देशों के हितों और रुख पर निष्पक्ष विचार करने का प्रयास किया। इसमें कहा गया है कि इस संदर्भ में इसने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया, जो वित्त और संबंधित क्षेत्रों में आधुनिक चुनौतियों का जवाब देने के लिए एक अच्छी नींव बनाता है, जिसमें आर्थिक विकास और सतत विकास लक्ष्यों का कार्यान्वयन करने के लिए समर्थन हासिल है।
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बयान में कहा गया है, हमें अफसोस है कि पश्चिम की ओर से एकजुट होकर जी-20 की गतिविधियों को अस्थिर किया जा रहा है और इसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ टकराव वाले नजरिए से किया जा रहा है। रूस ने आरोप लगाया, हमारे विरोधी (खास तौर पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और जी-7) रूस को अलग-थलग करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व वैश्विक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र की समस्याओं के मॉस्को पर दोष मढ़ने के अपने पागल प्रयास को जारी रखे हुए हैं।