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UK: वित्त मंत्री के रूप में रवांडा योजना को लेकर आश्वस्त नहीं थे ऋषि सुनक, रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 06 Jan 2024 08:14 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

UK: प्रधानमंत्री के रूप में इस योजना का समर्थन कर रहे सुनक को बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहते हुए इस नीति पर काफी संदेह था। सुनक पूर्वी अफ्रीकी देश में शरण चाहने वालों को भेजने की लागत के बारे में चिंतित थे।
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Rishi Sunak - फोटो : Social Media
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विस्तार
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प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अवैध प्रवासियों को रवांडा भेजने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। जबकि, उनके शरण चाहने के दावों का आकलन वित्त मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान ही किया गया था। ब्रिटेन की एक मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को यह दावा किया गया। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के रूप में इस योजना का समर्थन कर रहे सुनक को बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहते हुए इस नीति पर काफी संदेह था। इसमें आगे कहा गया है कि दस्तावेजों से पता चलता है कि सुनक पूर्वी अफ्रीकी देश में शरण चाहने वालों को भेजने की लागत के बारे में चिंतित थे और शुरू में संख्या को सीमित करना चाहते थे। 

सुनक के एक करीबी सूत्र ने बीबीसी को बताया,'प्रधानमंत्री हमेशा इस योजना के सिद्धांत के साथ पूरी तरह से जुड़े रहे। वित्त मंत्री के रूप में यह सुनिश्चित करना उनका काम था कि इसे पूरा किया जाए और करदाताओं के पैसे को उचित रूप से खर्च किया जाए।' 

सुनक अप्रैल 2022 में वित्त मंत्री के रूप में रवांडा नीति की पहली बार घोषणा के समय 11 डाउनिंग स्ट्रीट में थे। रवांडा के साथ समझौता तब से कानूनी चुनौतियों में फंस गया है। अब तक किसी भी शरण चाहने वाले को ब्रिटेन से रवांडा नहीं भेजा गया है। उन्होंने अक्तूबर 2022 में 10 डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है। 

हालांकि, सुनक ने जोर देकर कहा है कि यह योजना ब्रिटेन में अवैध प्रवास से निपटने के लिए उनकी रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ है। उनका कहना है कि यह योजना इंग्लिश चैनल के पार छोटी नौकाओं में खतरनाक यात्रा करने के बाद देश के तटों पर उतरने वाले हजारों लोगों को रोकने का काम करेगी। अब, बीबीसी के खुलासे से संकेत मिला है कि जब यह योजना पहली बार पेश की गई थी तो सुनक पूरी तरह से इसके पीछे नहीं थे।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दस्तावेज मार्च 2022 में 10 डाउनिंग स्ट्रीट में तैयार किए गए थे। पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपने वित्त मंत्री सुनक को योजना के लिए अधिक धन पर हस्ताक्षर करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे। यह रवांडा सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने से कुछ समय पहले की बात है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनक शरण चाहने वालों को अफ्रीकी देश में भेजने की लागत के बारे में चिंतित थे और शुरू में संख्या को सीमित करना चाहते थे। 
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